एबीवीपी ने क्लस्टर सिस्टम के विरोध में किया प्रदर्शन, “क्लस्टर सिस्टम जल्द वापस ले सरकार, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन” : एबीवीपी

Hazaribagh: झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित “क्लस्टर सिस्टम” के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने संत कोलंबा महाविद्यालय एवं...

Hazaribagh: झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित “क्लस्टर सिस्टम” के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने संत कोलंबा महाविद्यालय एवं मार्खम कॉलेज इकाई के संयुक्त तत्वावधान में राज्य सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निर्णय को छात्र-विरोधी बताया.

“छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा प्रयोग” : एबीवीपी

एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल मेहता ने कहा कि शिक्षा सुधार के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ एक अव्यावहारिक प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा को सुलभ और सरल बनाने की बात करती है, लेकिन प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम छात्रों को एक विषय के लिए एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज भटकने को मजबूर करेगा.

उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र साइंस कॉलेज में अध्ययन कर रहा है तो उसे माइनर विषयों के लिए दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग को यह समझना चाहिए कि समस्या कॉलेजों की भौगोलिक दूरी नहीं, बल्कि संसाधनों के असंतुलन की है. कहीं शिक्षक हैं तो छात्र नहीं और कहीं छात्र हैं तो शिक्षक नहीं.

फैकल्टी रोटेशन और डिजिटल क्लासरूम की मांग

प्रादेशिक सह राज्य विश्वविद्यालय प्रमुख प्रभात कुमार ने कहा कि एबीवीपी की स्पष्ट मांग है कि सरकार इस छात्र-विरोधी निर्णय को तत्काल वापस ले तथा पुरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करे. यदि शिक्षकों की कमी है तो सरकार फैकल्टी रोटेशन एवं डिजिटल वर्चुअल क्लासरूम जैसे विकल्पों पर विचार करे, ताकि छात्र अपने ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के केंद्रीकरण के माध्यम से गरीब एवं ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की साजिश कर रही है.

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24 घंटे में फैसला वापस नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

परिषद ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.

मौके पर एनईसी सदस्य बाबूलाल मेहता, प्रभात कुमार, नगर मंत्री साहिल सिंह, रंजीत पाण्डेय, वशिष्ठ, यशवंत राणा, रंजीत यादव, रवींद्र कुशवाहा, अनुशूल सिन्हा, विवेक यादव, अनुज पासवान, गौतम, मिथलेश समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.

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