Ranchi: झारखंड में मानसून से पहले संभावित बालू किल्लत को दूर करने और अवैध खनन पर रोक लगाने की दिशा में सरकार को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है. गुरुवार को कुल चार महत्वपूर्ण बालू घाटों के लीज डीड पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें लातेहार जिले के दो घाट तुबेद और बाजकुम शामिल हैं. वहीं हजारीबाग जिले के संध सोनपुरा तथा लंगतु सिकरी सिरमा घाटों के डीड पर भी हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. उक्त बालू घाटों के संचालन के लिए जिलों के डीसी ने लीज डीड पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इन बालू घाटों के जल्द संचालन शुरू होने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और बाजार में बालू की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. हर वर्ष मानसून के दौरान नदियों से बालू उठाव पर रोक लगने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बालू संकट गहरा जाता है जिससे भवन निर्माण, सड़क और सरकारी परियोजनाओं पर असर पड़ता है. लेकिन इस बार सरकार ने समय रहते प्रक्रिया पूरी करने पर विशेष जोर दिया है. जिलों के डीसी को लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए थे जिसके बाद विभिन्न जिलों में तेजी से कार्रवाई हुई है. उम्मीद है कि वैध बालू घाटों के संचालन से अवैध खनन और कालाबाजारी पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.

