Ranchi: संगठन के भीतर संवाद और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नई पहल शुरू की है. राज्यभर के जिला मुख्यालयों में आयोजित “शिकायत एवं निवारण कार्य दिवस” के तहत अब तक 21 जिलों से 88 आवेदन प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचे हैं. पार्टी के अनुसार कुछ जिलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं और असंतोष को समय रहते सुना और सुलझाया जा सके.

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शिकायतों को लिखित रूप में जिला प्रभारियों के समक्ष रखा गया
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने संगठनात्मक मुद्दों, स्थानीय विवादों और व्यक्तिगत शिकायतों को लिखित रूप में जिला प्रभारियों के समक्ष रखा. सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जिला कांग्रेस कार्यालयों में आवेदन जमा किए गए. पार्टी के अनुसार, जिलों से प्राप्त सभी आवेदनों को अब प्रदेश कार्यालय भेजा जाएगा, जहां उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस नेतृत्व इसे संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कवायद के रूप में देख रहा है. राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति संवाद और भागीदारी पर आधारित रही है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने और संगठन के समक्ष सवाल उठाने की पूरी स्वतंत्रता है. यही वजह है कि शिकायतों के लिए अलग से मंच तैयार किया गया है.
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