News Wave Desk: इस साल मई के आखिरी दिनों में आसमान में एक खास नजारा दिखेगा, 31 मई को चांद एक साथ ब्लू मून और माइक्रोमून दोनों बनने जा रहा है. यह बहुत ही दुर्लभ संयोग है, जिसे देखने का मौका हर साल नहीं मिलता. आइए जानें, इसका मतलब क्या है और इसे कैसे देखा जा सकता है.
ब्लू मून क्या है?

ब्लू मून का नाम सुनकर लगता है कि चांद नीला दिखेगा, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. ब्लू मून एक कैलेंडर से जुड़ा शब्द है, जिसमें एक महीने में दो बार पूर्णिमा (फुल मून) होती है. मई महीने में भी यही हो रहा है, इसलिए इसे ब्लू मून कहा जा रहा है. दूसरी परिभाषा के अनुसार, जब एक मौसम में चार बार पूर्णिमा हो और तीसरी पूर्णिमा आती है, तो उसे भी ब्लू मून कहते हैं. आमतौर पर, ब्लू मून हर दो-तीन साल में एक बार देखने को मिलता है. बहुत कम मौकों पर ज्वालामुखी विस्फोट या जंगल की आग के बाद चांद सचमुच नीला भी दिख सकता है, लेकिन ऐसा बहुत ही दुर्लभ है.

माइक्रोमून क्या है?

माइक्रोमून तब होता है जब पूर्णिमा के समय चांद पृथ्वी से सबसे दूर होता है. चांद की कक्षा गोल नहीं, बल्कि अंडाकार होती है, इसलिए कभी-कभी वह थोड़ा दूर, तो कभी थोड़ा पास होता है. जब चांद दूर होता है और पूर्णिमा होती है, तो वह सामान्य से छोटा और थोड़ा फीका नजर आता है. इसके उलट, जब चांद सबसे पास होता है, तो उसे सुपरमून कहा जाता है, जो बड़ा और चमकीला दिखता है.
कैसे देखें यह अद्भुत नजारा?

ब्लू माइक्रोमून को देखने के लिए 30 मई की रात या 31 मई की सुबह, पूर्व दिशा की ओर खुले आसमान में देखें. बादल न हों तो चांद साफ दिखेगा. बिना दूरबीन के भी यह दृश्य देखा जा सकता है. अगर आपके पास दूरबीन है, तो चांद की सतह के गड्ढे और काले मैदान भी देख सकते हैं.
भले ही आकार में थोड़ा फर्क हो, लेकिन यह संयोग एक यादगार क्षण है. अगला सुपरमून 24 दिसंबर 2026 को आएगा, तब आप दोनों के आकार की तुलना भी कर सकते हैं. इस बार के ब्लू माइक्रोमून को जरूर देखें और आसमान की इस अनोखी घटना का आनंद लें!
Also Read: गर्मियों में मेहमानों के लिए 5 देसी ठंडे ड्रिंक्स
