घोटाला वॉर में आर-पार, इरफान की धमकी पर भाजपा का बड़ा दांव, कहा – करो FIR, ताकि खुले एंबुलेंस घोटाले की फाइल

Ranchi : झारखंड की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर नहीं, बल्कि सीधे सियासी तीर चल रहे हैं. सूबे के स्वास्थय...

Ranchi :  झारखंड की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर नहीं, बल्कि सीधे सियासी तीर चल रहे हैं. सूबे के स्वास्थय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के बीच शुरू हुआ वाकयुद्ध अब एक बेहद दिलचस्प और आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुका है. स्वास्थय मंत्री द्वारा बाबूलाल मरांडी पर एफआईआर कराने की धमकी क्या आई, भाजपा ने इसे लपकते हुए पलटवार का ऐसा दांव खेला है जिसने झारखंड के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

हिम्मत है तो करो एफआईआर

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सोशल मीडिया एक्स पर तंज कसते हुए सीधे स्वास्थय मंत्री को ललकारा है. उन्होंने कहा कि ईडी हवा में नहीं आती. पहले कहीं प्राथमिकी दर्ज होती है, फिर उसी आधार पर ईसीआइआर दर्ज होती है. फिर सारा कच्चा चिट्ठा बाहर आ जाता है. भाजपा ने इरफान अंसारी को चुनौती देते हुए कहा, अगर हिम्मत है तो देर मत कीजिए. जल्दी से बाबूलाल मरांडी पर एफआईआर किजिये. ताकि लगे हाथ स्वास्थय विभाग के एंबुलेंस घोटाले की फाइल भी खुल जायें. जिसका सच जानने के लिए जनता बेताब है. भाजपा ने मंत्री को आगाह करते हुए कहा है कि कहीं दूसरों के लिए खोदा गया गड्ढा खुद के दरवाजे तक न पहुंच जायें. क्योंकि जब केंद्रीय एजेंसियां जांच करती हैं तो वे पोस्टर या चेहरा नहीं, बल्कि सीधे कागज, पैसा और हस्ताक्षर देखती हैं.

क्या है इस हाई प्रोफाइल सियासी जंग की वजह

दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ में महालेखाकार की वह शुरुआती ऑडिट रिपोर्ट है, जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वास्थय विभाग को घेरा था. मरांडी ने विभाग में करोड़ों के एंबुलेंस घोटाले, दवा घोटाले और प्रोक्योरमेंट कंसल्टेंट के रूप में शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति में भारी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाएं हैं. बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.

 

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