Giridih: जिले के मधुबन क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है. लंबे समय से बंद पड़ी मधुबन पेयजलापूर्ति योजना को 30 मई से फिर शुरू किया जाएगा. विभागीय अधिकारियों और तकनीकी टीम ने मरम्मत और सुधार का काम पूरा कर लिया है.
मंत्री सुदीव्य कुमार के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 की टीम ने तेजी से काम करते हुए योजना को दोबारा चालू करने की तैयारी पूरी कर ली है. उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर भी विभाग लगातार निगरानी कर रहा था.

कार्यपालक अभियंता अवीक अंबाला ने बताया…
कार्यपालक अभियंता अवीक अंबाला ने बताया कि एजेंसी द्वारा तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किए जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो गई थी. इससे मधुबन क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 अप्रैल से मशीनों, पाइपलाइन और अन्य तकनीकी उपकरणों की मरम्मत का काम शुरू किया गया था. अब सभी जरूरी सुधार पूरे कर लिए गए हैं और योजना संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है.
पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश जारी
विभाग ने कहा कि लोगों को निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. भविष्य में योजना की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. वहीं बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यभर में पेयजल और प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत गिरिडीह जिला प्रशासन भी सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है.
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