राधा स्वामी की 60-40 योजना पर बड़ा सवाल! करोड़ों डूबने का डर, कार्यालय पर लटका ताला, ग्राहक सड़क पर

Giridih: गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र के बलखंजो स्थित राधा स्वामी संगठन द्वारा संचालित बताई जा रही 60-40 योजना समेत अन्य...

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योजना से प्रभावित लोग

Giridih: गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र के बलखंजो स्थित राधा स्वामी संगठन द्वारा संचालित बताई जा रही 60-40 योजना समेत अन्य निवेश योजनाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. संगठन पर भरोसा कर लाखों रुपये जमा करने वाले दर्जनों लोग अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. सोमवार को विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे ग्राहकों को उस समय बड़ा झटका लगा जब संगठन का कार्यालय बंद मिला और शटर पर ताला लटका मिला.

आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर बड़ी रकम जमा करवाने का आरोप

कार्यालय के बाहर जुटे लोगों ने आरोप लगाया कि संगठन ने आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम जमा करवाई थी. कई लोगों से दोपहिया वाहन खरीदवाए गए और भरोसा दिया गया कि उनकी मासिक किस्तें संगठन की ओर से जमा की जाएंगी. शुरुआती कुछ महीनों तक किस्तों का भुगतान हुआ, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद हो गया. ग्राहकों का कहना है कि किसी के छह महीने, किसी के दस महीने तो किसी के पंद्रह महीने तक की किस्तें बकाया हैं. अब फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि लगातार घर पहुंचकर दबाव बना रहे हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है.

जल्द भुगतान करने का सिर्फ मिला आश्वासन

एक महिला ग्राहक ने बताया कि उसने कर्ज लेकर संगठन में पैसे लगाए थे. शुरुआत में कुछ किस्तें मिलीं, लेकिन पिछले चार-पांच महीनों से एक भी भुगतान नहीं हुआ. दूसरी ओर एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये जमा किए थे, बदले में हर महीने चार हजार रुपये शैक्षणिक सहायता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक एक भी भुगतान नहीं मिला. आक्रोशित ग्राहकों ने बताया कि जब भी वे एजेंटों और पदाधिकारियों से संपर्क करते थे, उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता था कि जल्द भुगतान कर दिया जाएगा. लेकिन समय बीतने के बावजूद न किस्तें मिलीं और न ही जमा राशि वापस हुई. स्थिति तब और संदिग्ध हो गई जब संगठन के जिम्मेदार लोगों के मोबाइल फोन भी बंद मिलने लगे.

जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग

मामले में संगठन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन किसी भी पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो सका. कार्यालय बंद होने और जिम्मेदार लोगों के गायब रहने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है. अब प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जमा धनराशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बकाया किस्तों के भुगतान की व्यवस्था कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सैकड़ों परिवार आर्थिक बर्बादी के कगार पर पहुंच सकते हैं.

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