Saraikela: विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई.

प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास तथा अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों और प्रगति का आकलन किया गया. उप विकास आयुक्त ने जिन संकेतकों में प्रखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उनमें त्वरित सुधार लाने के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
स्वास्थ्य एवं पोषण पर जोर
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन एवं ऊंचाई मापन सुनिश्चित करने, एसएएम और एमएएम श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का निर्देश दिया गया. साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और टीकाकरण का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने को कहा गया.
शिक्षा विभाग को निर्देश
ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लिए घर-घर सर्वे कर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने तथा सभी विद्यालयों में पेयजल और शौचालय की क्रियाशीलता बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
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कृषि और सिंचाई पर फोकस
किसान क्रेडिट कार्ड की संतृप्ति, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग तथा ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया.
हर घर नल-जल का लक्ष्य
हर घर नल-जल योजना के तहत छूटे हुए घरों में 15 जून तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया.
वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने का निर्देश
पीएमजेडीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और अटल पेंशन योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों को आच्छादित करने का निर्देश दिया गया.
मिशन मोड में काम करने की अपील
उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पिछड़े प्रखंडों का समग्र विकास कर उन्हें राष्ट्रीय औसत के समकक्ष लाना है. इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करना होगा. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन जिला स्तर पर भेजने तथा खराब प्रदर्शन वाले संकेतकों के लिए सात दिनों के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
