Palamu: मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान संजय पासवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों के लोग उमड़ पड़े.


दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ निधन
परिजनों के अनुसार संजय पासवान पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 3 जून की सुबह उनका निधन हो गया.
‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा गांव
जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र ‘भारत माता की जय’ और ‘संजय पासवान अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा. अंतिम दर्शन के दौरान लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया. अंतिम संस्कार के दौरान आईटीबीपी के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. सैन्य परंपराओं के अनुरूप अंतिम सलामी देकर देश के वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई.
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
संजय पासवान की अंतिम यात्रा में बरवाडीह सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोग शामिल हुए. अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की. इस दौरान माहौल गमगीन रहा और हर आंख नम दिखाई दी.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजय पासवान अपने पीछे चार बेटियां, एक बेटा और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
