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मेडिकल जांच के बाद अभी आरोपियों को भेजा गया वापस
Ranchi: राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए ट्रेजरी घोटाले की CID जांच कर रही है. आज CID की SIT ने ट्रेजरी स्कैम में सभी आरोपियों से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने SIT को बताया कि कमीशन की एक फिक्स्ड रकम तय थी और यह रकम अफसरों की रैंक के अनुसार बंटता था. इस स्कैम में कई बड़े-बड़े अफसरों की मिलीभगत है. इसके बाद ही इतने बड़े स्कैम को अंजाम दिया गया. पूछताछ के बाद सभी आरोपियों की मेडिकल जांच करायी गयी और फिर सभी को वापस भेज दिया गया. सभी आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस पहुंचाया गया. अब पूछताछ में मिले अहम जानकारियों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी. पूछताछ में आरोपी शंभू से ज्यादा सवाल-जवाब किए गए. कल की पूछताछ में CID को जानकारी मिली थी कि सिपाही शंभू सिंह के इशारे पर उनके सहयोगी साइन कराते थे. इसके बाद रकम की निकासी होती थी.

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CID ने बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन को लेकर किए कई सवाल
इसके अलावे CID की टीम ने बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन को लेकर कई सवाल किए. CID की टीम आज सुबह 11 बजे से पूछताछ शुरू की. मामले में सिपाही शंभू सिंह की भूमिका संदिग्ध माना जा रहा है. वहीं CID को बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन को लेकर अभी और जानकारियां हासिल करनी है. आरोपियों से पूछताछ में CID के कई आला अधिकारी मौजूद रहे. CID ने यह जानने का प्रयास किया कि इतनी बड़ी रकम को कहां-कहां निवेश किया गया है. जांच में परतें खुल रही है कि पुलिस विभाग में मिलीभगत से इतना बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है. मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा खतरों को देखते हुए पुलिस बेहत सतर्कता बरत रही है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता सुरक्षा घेरे के बीच आरोपियों को रांची लाया गया था.
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क्या है पूरा मामला?
ट्रेजरी स्कैम सरकारी राजस्व में हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों और बाहरी बिचौलियों की मिलीभगत से इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया. जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने से इस घोटाले में शामिल कई अन्य सफेदपोशों और बड़े अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.
