हजारीबाग : 19 करोड़ की लागत से बनना था बस टर्मिनल और डंपिंग यार्ड, पड़ा है कचड़े का अंबार, फाइल बंद

Hazaribagh : 19 करोड़ की लागत से जिला में इंटरस्टेट बस टर्मिनल और एक आधुनिक डंपिंग यार्ड का निमार्ण किया जाना था....

Hazaribagh : 19 करोड़ की लागत से जिला में इंटरस्टेट बस टर्मिनल और एक आधुनिक डंपिंग यार्ड का निमार्ण किया जाना था. लेकिन योजना प्रस्तावित होने के सालों बाद भी न ही बस टर्मिनल बना और न ही डंपिंग यार्ड. बल्कि योजना प्रस्तावित क्षेत्र में पूरे शहर भर का कचरा लाकर फेंका जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को साल 2025 में पूरा हो जाना था. जानकारी हो कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट यानी डीएमएफटी से हजारीबाग के लिए 594 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई थी. इसी फंड से इंटरस्टेट बस टर्मिनल और एक आधुनिक डंपिंग यार्ड का निमार्ण किया जाना था.

अलग अलग योजनाओं के लिये राशि आवंटित

सरकारी दावों की मानें तो 435 करोड़ 99 लाख रुपए की अलग-अलग योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी. जिसमें से 313 करोड़ 72 लाख रुपए का बजट संबंधित विभागों को आवंटित भी किया जा चुका है. यहां तक की सरकारी एजेंसियां कागजों पर 197 करोड़ 51 लाख रुपए विकास योजनाओं पर खर्च करने का दावा भी ठोक चुकी हैं. शिक्षा, स्वास्थय, और कृषि के नाम पर 267 से ज्यादा विकास योजनाएं कागजों पर सरपट दौड़ रही हैं. लेकिन हजारीबाग की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है. जानकारी हो कि सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक बस टर्मिनल बनाने का ठेका मदन बजाज को मिला था. जबकि आधुनिक डंपिंग यार्ड की जिम्मेदारी कुमार इंटरप्राइजेज को दी गयी थी.

क्या कहा नगर आयुक्त ने

शहर के नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता ने जमीन अधिग्रहण की बाधाओं का हवाला देते हुए कहा कि मामला अब सुलझा लिया गया है. वहीं, डंपिंग यार्ड के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो अभी इसकी फाइल देख रहे हैं.

 

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