रील के चक्कर में बेलगाम दौड़ रहे कोयला वाहन, हादसों के बावजूद क्यों चुप है सिस्टम?

Chatra: जिले की सड़कों पर इन दिनों तेज रफ्तार और खतरनाक ड्राइविंग लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है....

Chatra: जिले की सड़कों पर इन दिनों तेज रफ्तार और खतरनाक ड्राइविंग लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर कोयला ढोने वाला एक हाईवा तेज गति से दौड़ता और जोखिम भरे तरीके से ओवरटेक करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में वाहन अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बचता भी नजर आ रहा है. हालांकि News Wave इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. वीडियो को चतरा जिले का बताया जा रहा है. यदि वीडियो में दिख रहा दृश्य सही है, तो यह केवल यातायात नियमों के उल्लंघन का मामला नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है.

क्या रील बनाने के लिए जोखिम में डाली जा रही लोगों की जान?

सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में भारी वाहन चालक सड़कों को रेसिंग ट्रैक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या सोशल मीडिया पर वीडियो और रील वायरल करने की होड़ में कुछ चालक लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं? चतरा में आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो रही है. इसके बावजूद तेज रफ्तार और खतरनाक ओवरटेकिंग पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है.

भारी वाहनों के कारण लोगों में बढ़ रहा डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का दबदबा बढ़ जाता है. ऐसे में आम लोग डर के साये में सफर करने को मजबूर हो जाते हैं. लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके. जिले के जिम्मेदार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर और कितनी दुर्घटनाओं के बाद सड़कों पर गति नियंत्रण, निगरानी और सख्त कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत की जाएगी स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा जिले को झकझोर सकता है.

स्पीड कैमरे और सख्त कार्रवाई की मांग

लोगों ने मांग की है कि भारी वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर स्पीड कैमरे लगाए जाएं, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. सड़कें किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही के लिए होती हैं. ऐसे में यातायात नियमों का पालन और उनका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना समय की मांग है.

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