Ranchi : कहते हैं कि अगर कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो वक्त और हालात कभी आड़े नहीं आते. इस बात को सच कर दिखाया है झारखंड पुलिस के एक जांबाज जवान ने. जहां पुलिस के जवान दिन रात कानून व्यवस्था और सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं, वहीं झारखंड जगुआर STF में पदस्थापित जवान सनातन महतो अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद एक अलग ही मोर्चे पर तैनात हो जाते हैं. यह मोर्चा है गरीब और वंचित बच्चों के भविष्य को शिक्षा के उजियारे से रोशन करने का. सनातन महतो रोजाना अपनी कठिन और तनाव भरी ड्यूटी पूरी करने के बाद बचे हुए समय में गरीब बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे हैं. किसी आलीशान क्लास रूम या कोचिंग सेंटर के बजाय, वे एक पेड़ की छांव के नीचे बच्चों को मुफ्त में पढ़ाते हैं.

पेड़ की छांव बना क्लास रूम
सनातन महतो उन बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े और महंगे ट्यूशन में नहीं जा सकते. उनके इस ओपन-एयर क्लासरूम में ब्लैकबोर्ड भले ही न हो, लेकिन बच्चों की आंखों में बड़े सपने साफ देखे जा सकते हैं. वे बच्चों से एक रुपया नहीं लेते. सनातन महतो न सिर्फ बच्चों को पढ़ाते हैं, बल्कि अपनी जेब से उनके लिए कॉपियां, पेंसिल और अन्य जरूरी पठन सामग्री भी मुहैया कराते हैं. किताबी ज्ञान के साथ साथ वे बच्चों को अनुशासन, देशप्रेम और अच्छे संस्कार भी सिखाते हैं.

खाकी के भीतर धड़कता एक संवेदनशील दिल
झारखंड जगुआर जैसी विशेष शाखा में काम करना शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थका देने वाला होता है. ऐसे में अमूमन लोग ड्यूटी के बाद आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन सनातन महतो का मानना है कि समाज को बदलने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा ही है. सनातन महतो की इस अनूठी पहल की तस्वीरें और वीडियो अब लोगों के बीच प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं. स्थानीय लोग और विभाग के अन्य अधिकारी भी उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के इस रूप ने जनता के मन में खाकी के प्रति सम्मान और विश्वास को और ज्यादा बढ़ा दिया है.
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