झारखंड पंचायती राज ने RGSA के तहत निकाली भर्ती, 1 लाख तक दिया जायेगा मानदेय

Ranchi : झारखंड के गांवों की तस्वीर बदलने और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी...

Ranchi : झारखंड के गांवों की तस्वीर बदलने और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी है. पंचायती राज निदेशालय ने पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान RGSA के तहत राज्य स्तरीय तकनीकी टीम को मजबूत करने के लिए पार्टिसिपेटरी प्लानिंग एक्सपर्ट (सहभागिता योजना विशेषज्ञ) के पद पर भर्ती निकाली है. केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान (सीटीआइ), हेहल में तैनात होने वाले इस विशेषज्ञ को हर महीने 1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का मानदेय दिया जाएगा. इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य राज्य की पंचायतों में ग्रासरूट लेवल पर विकास योजनाओं को वैज्ञानिक और जन भागीदारी के तरीके से धरातल पर उतारना है.

अभियान का विजन सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान केंद्र और राज्य सरकार की 60 : 40 के वित्तीय अनुपात वाली एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसका सीधा उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं की क्षमताओं को बढ़ाना है. झारखंड पंचायती राज विभाग इस अभियान के जरिए अपने राज्य, प्रमंडल और जिला स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों को एक हाईटेक और कुशल नेटवर्क में बदल रहा है. यह नया एक्सपर्ट विंग राज्य के जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों को आधुनिक गवर्नेंस, डिजिटल टूल्स और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की ट्रेनिंग देने के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगा.

कौन कर सकता है आवेदन

शैक्षणिक योग्यता : उम्मीदवार के पास 10वीं, 12वीं, स्नातक (बीएससी/बीए) और नियमित स्नातकोत्तर (एमएससी/एमए) की डिग्री होनी चाहिए. जिसमें पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम 60 फीसदी अंक होना अनिवार्य है.

अनुभव : उम्मीदवार के पास कुल 11 वर्षों का कार्य अनुभव होना चाहिए. जिसमें से कम से कम 3 वर्ष का अनुभव किसी राज्य के पंचायती राज विभाग या सर्ड के साथ काम करने का हो.

विशेषज्ञता : सहभागी योजना पद्धतियों (पीआरए/पीएलए तकनीकों), ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के निर्माण और जनप्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण में महारत हासिल हो.

आयु सीमा : आवेदक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

क्या होगी जिम्मेदारी

चयनित विशेषज्ञ राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के तहत काम करेंगे. इनके कंधों पर राज्य की सभी पंचायतों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने, मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग देने, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल (शॉर्ट फिल्म/पीपीटी) विकसित करने और पंचायतों के सोशल ऑडिट व वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने का जिम्मा होगा. ये विशेषज्ञ सीधे जिला और ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षणों की निगरानी भी करेंगे.

चयन प्रक्रिया और शर्तें

इस पद पर चयन पूरी तरह पारदर्शी और 5 सदस्यीय चयन समिति के माध्यम से होगा. जिसके अध्यक्ष पंचायती राज निदेशालय के उप निदेशक होंगे. यह नियुक्ति पूरी तरह एक वर्ष के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर आधारित होगी. जिसे बेहतर कार्य प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है. चयनित उम्मीदवार को सालाना 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश मिलेगा और सरकारी दौरों के लिए नियमानुसार टीए-डीए देय होगा.

 

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