चाईबासा में डीसी ने किया रक्त-संग्रहण से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा बैठक

Chaibasa:पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिले में संचालित रक्तदान एवं रक्त-संग्रहण से संबंधित...

Chaibasa:पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिले में संचालित रक्तदान एवं रक्त-संग्रहण से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी सहित संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं जिले में अवस्थित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिले में संचालित “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के अंतर्गत रक्तदान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी, शल्य चिकित्सा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच अंतर साबित हो सकती है. ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान एक सामाजिक दायित्व एवं मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है.

रक्तदान अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आवाहन 

बैठक में आगामी 14 जून को मनाए जाने वाले विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जिले में व्यापक जन-जागरूकता एवं रक्तदान कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने जिले में संचालित प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों जैसे सेल, टाटा स्टील, बालाजी स्पंज एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों से रक्तदान अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इन प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी सहभागिता से जिले में रक्त की उपलब्धता को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है. उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह की 8 एवं 24 तारीख को रक्तदान दिवस के रूप में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों से इन नियमित शिविरों में भी सहयोग प्रदान करने का अनुरोध करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित औद्योगिक इकाइयों के परिसर में ही विशेष रक्तदान शिविरों का आयोजन जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया जाएगा, ताकि अधिकाधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर सकें.

केवल मानव द्वारा दान किया गया रक्त ही किसी अन्य व्यक्ति के जीवन को बचा सकता है

उपायुक्त ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर केवल मानव द्वारा दान किया गया रक्त ही किसी अन्य व्यक्ति के जीवन को बचा सकता है. इसलिए समाज के सभी सक्षम एवं स्वस्थ नागरिकों को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य पश्चिमी सिंहभूम को “रक्त-युक्त जिला” के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए सरकारी संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों तथा आम नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है. बैठक में स्वास्थ्य विभाग को विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष रक्तदान शिविर, जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सम्मान समारोह आयोजित करने हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक) के सुदृढ़ संचालन पर विशेष बल दिया

बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिले में सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक) के सुदृढ़ संचालन पर विशेष बल दिया. उन्होंने सिविल सर्जन एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रक्त अधिकोष के निबंधन (लाइसेंस) के नवीनीकरण सहित सभी वैधानिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए. साथ ही रक्त संग्रहण, भंडारण, परीक्षण एवं वितरण से संबंधित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए रक्त अधिकोष की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. उपायुक्त ने कहा कि जिले में रक्त की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्त अधिकोष का सुदृढ़ एवं नियमसम्मत संचालन अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इस दिशा में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी.

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