Ranchi: झारखंड सरकार के वाणिज्य-कर विभाग (Commercial Taxes Department) ने राज्य के व्यापारियों और करदाताओं को एक बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है. विभाग द्वारा जल्द ही राज्य में झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान अधिनियम 2026 लागू किया जाने वाला है. इस नए अधिनियम का मुख्य उद्देश्य वैल्यू एडेड टैक्स और अन्य पुराने कराधान कानूनों के तहत लंबे समय से लंबित पड़े मामलों और विवादों का त्वरित निष्पादन करना है.
विभागीय पोर्टल पर ड्राफ्ट अपलोड, 19 जून तक दें सुझाव
वाणिज्य-कर विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रस्तावित अधिनियम का एक शुरुआती प्रारूप तैयार कर लिया गया है. आम जनता और सभी हितधारकों के अवलोकन के लिए इस ड्राफ्ट को विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल https://ctax.jharkhand.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है. सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए इस प्रस्तावित कानून पर सभी संबंधित पक्षों से उनके बहुमूल्य सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.

समीक्षा के बाद तैयार होगा अंतिम कानून
वाणिज्य-कर आयुक्त, झारखंड द्वारा जारी इस सूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि तक प्राप्त होने वाले सभी सुझावों की विभाग द्वारा बारीकी से समीक्षा की जाएगी. इसके बाद ही अधिनियम के अंतिम प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी के लिए तैयार किया जाएगा. इस कदम से राज्य में व्यापार करने की सुगमता बढ़ेगी और सालों से अटके टैक्स मामलों से कारोबारियों को मुक्ति मिल सकेगी.
