Ranchi: धुर्वा थाना क्षेत्र के डीटी खटाल के समीप का निवासी पेशे से चालक प्रधान यादव ने केस के आइओ जमादार लालमोहर पांडेय और उनके सहयोगी जितेंद्र , टुडू के प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली. उसने इस आत्महत्या के पूर्व पांच पेज का सोसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने साफ-साफ लिखा है कि इस आत्महत्या जिम्मेवार केस के आइओ लाल मोहर पांडेय उनका सहयोगी जितेंद्र टुडू व स्वर्गीय यादव के चार पुत्र जितेंद्र यादव, उसका भाई, धर्मेंद्र यादव, जितेलेश यादव को ठहराया है. मामला मारपीट व जानलेवा हमला का है. 14 जून को बीएनएस की धारा 35(3) के तहत प्रधान यादव को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी दिया गया था, जिसमें एक सप्ताह के अंदर आकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था.
सुसाइड नोट में क्या है
सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि पिछले 05 जून को कुछ बातों को लेकर स्वर्गीय यादव के चारों पुत्र के साथ किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गयी थी. उसके बाद आरोपियों ने उनपर लाठी-डंडा, रॉड, तलवार व भाले से हमपर हमला कर दिया. जिससे मैं, मेरी पत्नी और बुजुर्ग पिता भी गंभीर रूप से घायल होकर लहुलुहान हो गये. इसकी जानकारी जब हमलोग धुर्वा थान को देने गये थे तो आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय हमलोगों को ही दोषी ठहराने लगे.इस दौरान एएसआइ लालमोहर पांडेय जज की तरह न्याय कर रहे थे. उसने सोसाइड नोट में लिखा है कि मैं कानूनीविद नहीं हूं, इसलिए कानून की बहुत जानकारी नहीं है. जब बहुत ज्यादा तंग हो गया तो कंप्रोमाइड के मुड में भीा आ गया. परंतु धुर्वा थाना के एएसआइ लालमोहर पांडेय व जितेंद्र टुडू मुझे ही दोषी ठहराने लगे. उसने सोसाइड नोट में लिखा है कि आरोपियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है. इसका कारण है कि वे धुर्वा बस स्टैंड में चाय व खाना के होटल चलाते हैं, वहां अवैध कारोबार भी करते हैं. उनका अवैध करोबार धुर्वा पुलिस के संरक्षण में चलता है, इसलिए पुलिस वाले उनका साथ देते हैं.


मैं या थाना के कोई पुलिसकर्मी ने प्रधान यादव को नहीं किया है तंग
इधर आइओ लाल मोहर पांडेय ने कहा कि पुलिस या हमारे द्वारा प्रधान यादव को तंग नहीं किया गया है. मारपीट दोनों ओर हुआ था,उसमें जितेंद्र यादव का सिर फटा हुआ था. नोटिस देने के दौरान प्रधान यादव की पत्नी से हमारी काफी अच्छे से बात हुई थी. पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने की बात पुरी तरह से निराधर है. हमने तो यह भी कहा था कि यदि कोई बात नहीं है तो केस डायरी में नाम हटाया भी जा सकता है.

