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मिशन बूथ और राज्यसभा फतेह : भाजपा की मैराथन बैठक में बनी बड़ी रणनीति

Ranchi : झारखंड की सियासत में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी तरह से...

Ranchi : झारखंड की सियासत में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी तरह से कमर कस ली है. संगठन को धार देने और आगामी सियासी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में एक हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत तमाम दिग्गज पदाधिकारी मौजूद रहे. जिसने यह साफ कर दिया कि भाजपा हर मोर्चे पर बेहद आक्रामक और गंभीर है.

हर महीने की 15 तारीख को होगी बैठक , सांगठनिक धार देने की नई पहल

बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने भाजपा के नए सांगठनिक कैलेंडर का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व और नितिन नवीन के निर्देशानुसार, अब राज्य में हर महीने की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की अनिवार्य बैठक होगी. यह बैठक सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का मंच है. आज की बैठक में पिछले कार्यों का बारीकी से रिव्यू किया गया और आने वाले दिनों के लिए बड़े सांगठनिक मील के पत्थर तय किए गए.

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एसआईआर पर सरकार से दो कदम आगे भाजपा, बूथ स्तर पर मोर्चाबंदी

एसआईआर को लेकर पूछे गए सवाल पर बाउरी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा. दावा किया है कि जहां एक तरफ सरकारी मशीनरी अब तक एसआईआर के प्रशिक्षण में ही उलझी हुई है, वहीं भाजपा ने अपने जिला स्तर के प्रशिक्षण कार्य को समय से पहले ही पूरी तरह से लॉक कर दिया है. भाजपा का सीधा फोकस अब बूथ स्तर पर एसआईआर को मजबूती से लागू करवाकर जमीनी स्तर पर बढ़त हासिल करना है.

हमारे पास बहुमत है, तो फिर कांग्रेस में डर क्यों

राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों पर प्रदेश महामंत्री ने बेहद आत्मविश्वास से लबरेज अंदाज में कहा कि भाजपा के प्रत्याशी पूर्ण बहुमत के साथ राज्यसभा पहुंच रहे हैं. कांग्रेस द्वारा दिए जा रहे बयानों और दावों पर करारा पलटवार करते हुए उन्होंने पूछा कि अगर कांग्रेस के पास आंकड़े पूरे हैं, तो फिर उनके खेमे में यह डर और बेचैनी क्यों दिख रही है. भाजपा की इस बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह न सिर्फ चुनावी गणित में आगे है. बल्कि संगठन के मामले में भी सत्ताधारी दल को पछाड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

 

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