PM Modi on US-Iran deal: अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के एलान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने इसका स्वागत किया और कहा कि उम्मीद है कि इससे दुनिया में स्थिरता आएगी. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा ‘मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं. इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है. भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी. हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा.’
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ट्रंप ने शांति समझौते पर सहमति का किया ऐलान
पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस एलान के बाद आई है, जिसमें ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते पर सहमति बनने का एलान किया. ट्रंप ने बताया कि समझौते के तहत अमेरिका होर्मुज से अपनी नाकेबंदी को खत्म करेगा और ईरान भी जहाजों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करेगा. ईरान की तरफ से समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि की गई है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर होंगे. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एलान के बाद दुनियाभर के बाजारों में उत्साह देखा गया. एशियाई बाजारों में आज वृद्धि दर्ज की गई और कच्चे तेल के दाम भी वैश्विक स्तर पर कम हुए हैं, जिससे हालात सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है.
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इजराइल ने शांति समझौते का किया विरोध
हालांकि इजराइल ने इस शांति समझौते का विरोध किया है. इस्राइल के सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने कहा है कि यह समझौता इजराइल पर लागू नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इजराइल एक आजाद और संप्रभु राष्ट्र है और वह अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद करेगा. उन्होंने कहा कि इजराइल अमेरिका का सम्मान करता है और राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में कोई भी बाहरी समझौता उसके निर्णयों को नियंत्रित नहीं कर सकता. उनके अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से ऊपर इजराइल की सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा है. उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने की कीमत इजराइल को कई बार चुकानी पड़ी है.



