Ranchi: झारखंड में नशे के खिलाफ राज्य सरकार ने व्यापक जनजागरण अभियान की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन से 11 जागरूकता रथों को सांकेतिक हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये रथ राज्य के विभिन्न जिलों में भ्रमण कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे.

प्रोजेक्ट भवन से हुआ राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ
झारखंड मंत्रालय स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया. इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य निषिद्ध मादक पदार्थों की रोकथाम और नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है.

युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर
सरकार का मानना है कि नशा युवाओं के भविष्य और समाज दोनों के लिए गंभीर चुनौती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के तहत जागरूकता रथ स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचेंगे तथा लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देंगे.

जागरूकता रथ पहुंचाएंगे नशा मुक्ति का संदेश
राज्यभर में चलने वाले ये 11 जागरूकता रथ लोगों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के प्रति जागरूक करेंगे. साथ ही नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी करेंगे.
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जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है. सरकार इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम कर रही है.
नशा मुक्त झारखंड का संकल्प
राज्य सरकार का लक्ष्य जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से झारखंड को नशा मुक्त बनाना है. इसी उद्देश्य के साथ शुरू किया गया यह अभियान आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों तक पहुंचेगा और लोगों को स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा.

