East singhbhum: टाटा टिनप्लेट अस्पताल में डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट TMH के माध्यम से कार्यरत 25 साल से अधिक पुराने कर्मचारियों को नोटिस देकर हटाने के खिलाफ विवाद गहरा गया है. कर्मचारियों का आरोप है कि मामला उपश्रमायुक्त के समक्ष विचाराधीन है, फिर भी प्रबंधन ने 15 जून को उन्हें काम से हटा दिया, जो कानून का उल्लंघन है. कर्मचारियों ने संपादक और मीडिया बंधुओं को भेजी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वे TMH टिनप्लेट अस्पताल में 25 वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे हैं. प्रबंधन द्वारा हटाने का नोटिस दिए जाने पर उन्होंने उपश्रमायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. इस पर 3 जून को दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई थी और अगली सुनवाई 18 जून 2026 को तय की गई. कर्मचारियों का कहना है कि उपश्रमायुक्त ने वार्ता के दौरान दोनों पक्षों को निर्देश दिया था कि जब तक शिकायत विचाराधीन है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. बावजूद इसके टी.सी. जॉन ट्रस्ट TMH टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन ने 15 जून को एकतरफा कार्रवाई कर उन्हें काम से हटा दिया.
कर्मचारियों की मांग और चेतावनी
कर्मचारियों ने मांग की है कि 15 जून को की गई कार्रवाई को तुरंत रद्द कर यथास्थिति बहाल की जाए. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 18 जून को उपश्रमायुक्त के समक्ष होने वाली वार्ता में कोई ठोस जवाब नहीं मिला, तो वे टिनप्लेट अस्पताल या TMH के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे. धरना में शामिल होने वाले कर्मचारियों में गोपीनाथ कुंडू, अमित साहू, मोलाया अधिकारी, सुमित घोष, देवनाथ प्रसाद, जोलेश मुखी, मनोज मुखी, नारायण मुखी आदि शामिल हैं. प्रबंधन का पक्ष, फिलहाल डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट TMH टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रबंधन का पक्ष जानना बाकी है. 18 जून को उपश्रमायुक्त कार्यालय में होने वाली वार्ता अब निर्णायक मानी जा रही है. कर्मचारियों का भविष्य और अस्पताल की सेवाएं इस फैसले पर टिकी हैं.



