100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान में रांची में 3,110 लोगों की हुई जांच

Ranchi: भारत सरकार के 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत रांची जिले में क्षय रोग (टीबी) की पहचान और रोकथाम को...

Ranchi: भारत सरकार के 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत रांची जिले में क्षय रोग (टीबी) की पहचान और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायतों, शहरी क्षेत्रों तथा जेलों में विशेष जांच अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 3,110 लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की जा चुकी है. स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर रही है. अभियान के दौरान लगातार खांसी, बुखार, वजन में कमी, रात में पसीना आना और अन्य लक्षणों वाले लोगों के बलगम एवं आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराए जा रहे हैं, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके.

समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एस. बास्की ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बलगम में खून, भूख कम लगना, कमजोरी या वजन घटने जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए.

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संवेदनशील समूहों से जांच कराने की अपील

उन्होंने विशेष रूप से टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों, मधुमेह रोगियों, कुपोषित बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील समूहों से जांच कराने की अपील की. साथ ही बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है. सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने आम जनता से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही टीबी मुक्त रांची और टीबी मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है.

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