News Wave Desk : जी 7 समित फ्रांस में आयोजित होने वाली है. जहां अमेरिकरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात होनी है. लेकिन इस मुलाकात से ठीक पहले अमेरिका ने इंडो पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया है. ये बदलाव अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से की गयी. हवाई द्वीप स्थित इस कमांड की जिम्मेदारी हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक की है. इसी के अंतर्गत अमेरिका का सेवंथ फ्लीट (सातवां बेड़ा) आता है. जिसने 1971 की जंग में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद करने की कोशिश की थी. करीब आठ साल पहले ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने इस कमांड का नाम इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था क्योंकि भारत और अमेरिका के मजबूत संबंध हो रहे थे. लेकिन बुधवार को इसका नाम फिर से बदलकर पैसिफिक कमांड कर दिया गया है.
सैनिकों के गौरव और पंरपरा का सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जब भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास आ गई है तो अमेरिका ने इसका नाम फिर से बदल दिया है. हालांकि पेंटागन ने स्थिति करते हुए कहा कि नाम बदलना मुख्य रूप से प्रशासनिक और ऐतिहासिक है. इस बदलाव का उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से चली आ रही 7 दशकों पुरानी सैन्य विरासत, सैनिकों के गौरव और ऐतिहासिक परंपराओं का सम्मान करना है.
इंडो शब्द हटाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा
अमेरिका ने भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ मिलकर क्वाड बनाया. जिसका आधार ही इंडो पैसिफिक को मिलाकर है. ऐसे में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से इंडो शब्द हटाना कई सवाल उठा रहा है. इसका साफ मतलब ये निकल रहा है कि अमेरिका का मुख्य फोकस अब प्रशांत महासागर होगा ना कि हिंद महासागर. अब अमेरिका सिर्फ प्रशांत महासागरीय क्षेत्र की सुरक्षा पर फोकस करेगा.
ALSO READ : 730 करोड़ के GST चोरी मामले में जेल में बंद विक्की भालोटिया के जमानत मामले में HC ने मांगा ED से जवाब



