Giridih : धनवार प्रखंड कार्यालय परिसर में आदिवासी जोहार समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया. इस दौरान समिति के सदस्यों ने आदिवासियों की खेतियानी जमीन वापस करने, भूमि माफियाओं द्वारा जमीन कब्जा पर रोक लगाने और आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का नेतृत्व सुकरेज हेम्ब्रम ने किया. वहीं भाजपा नेता सह पूर्व जिला परिषद सदस्य सुबोध कुमार राय भी धरना में शामिल हुए. सुकरेज हेम्ब्रम ने कहा कि आदिवासी समाज आज भी शोषण और उत्पीड़न का शिकार है. उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं और जल, जंगल और जमीन पर उनका अधिकार लगातार कमजोर हो रहा है. उन्होंने कहा कि आदिवासी गांवों में आज भी पेयजल, सड़क और स्वास्थय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि सखुआ पहाड़ी क्षेत्र में एक आदिवासी की जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है. जिसके विरोध में सभी आदिवासी एकजुट हुए हैं. उन्होंने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए मजदूरों की दैनिक मजदूरी 268 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की भी मांग की.
आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करन पर होगा आंदोलन
वहीं सुबोध कुमार राय ने कहा कि धनवार प्रखंड के महेशमरवा और बल्हारा गांवों में आदिवासियों की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है. जिसे किसी भी कीमत पर कब्जा करने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों की एक इंच भी जमीन हड़पी गई तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से जमीन हड़पने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की.
धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा. ज्ञापन में आदिवासियों की खेतियानी जमीन वापस करने, पेसा एक्ट लागू करने, आदिवासी गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, धनवार में सिद्धो-कान्हू विद्यालय की स्थापना, शिक्षित आदिवासी युवाओं की सीधी नियुक्ति, ग्राम कुंडा नाला पर पुल निर्माण समेत मांग है.

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