Chainpur : चैनपुर अंचल के कुरुमगढ़ थाना में कार्यरत महिला चौकीदार बॉबी देवी (पति स्वर्गीय सुखराम मुंडा) का बुधवार दोपहर इलाज के दौरान निधन हो गया. वह ग्राम बामदा की रहने वाली थीं. मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण वे समय पर इलाज और डायलिसिस नहीं करा सके, जिससे उनकी मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, बॉबी देवी लंबे समय से शुगर और बीपी की मरीज थीं. डॉक्टरों ने उन्हें नियमित डायलिसिस की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज संभव नहीं हो सका. परिवार का कहना है कि पहले ही इलाज में उनकी जमा-पूंजी खर्च हो चुकी थी और वेतन न मिलने से हालात और बिगड़ गए. समय पर उपचार न मिल पाने से उनकी हालत लगातार खराब होती गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई.
अंचल के अन्य चौकीदारों का भी 4 महीने से वेतन बकाया
इस दुखद घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर चौकीदारों के बकाया वेतन को लेकर आक्रोश और चर्चाएं तेज हो गई हैं. चैनपुर थाना में कार्यरत अन्य चौकीदारों ने बताया कि लगभग 4 महीने पूरे होने वाले हैं, लेकिन अब तक उन्हें वेतन नहीं मिला है. नाम न बताने के शर्त पर चौकीदार ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “वेतन न मिलने से हम सभी के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. इस समय बच्चों का स्कूलों में एडमिशन कराना है, खेती-बारी का सीजन है जिसके लिए पैसों की सख्त जरूरत है. आज हमारी एक साथी की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि उनके पास इलाज के पैसे नहीं थे. यह बेहद दुखद और चिंताजनक है. “महिला चौकीदार के इस तरह असामयिक निधन से उनके पैतृक गांव बामदा और पूरे कुरुमगढ़-चैनपुर क्षेत्र में शोक की लहर है. चैनपुर अंचल के सभी चौकीदारों और सहकर्मियों ने बॉबी देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक जताया है. परिजनों के अनुसार, मृतका का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक संवेदनशीलता और निचले स्तर के कर्मियों के मानदेय भुगतान की सुस्त व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
Also Read : RSS कार्यालय घटना पर कांग्रेस का पलटवार, भाजपा को पेपर लीक और बेरोजगारी की याद दिलाई



