Ranchi: रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित डाहु गांव के एक बहुचर्चित जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सुमन महतो उर्फ सुमन कुमार को बड़ा झटका दिया है. शीर्ष अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सुनाया है. यह मूल विवाद ग्राम डाहु इलाके में एक जमीन को लेकर है.शिकायतकर्ता (पीड़ित पक्ष) का आरोप था कि कोर्ट के आदेश से मिली जमीन पर उनके कब्जे को सुमन महतो और उनके परिवार द्वारा बाधित किया गया जिसके बाद इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इससे पहले 12 मई, 2026 को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश कुमार ने यह पाते हुए याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मामला प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होता है और SC/ST एक्ट की धारा 18 के तहत अग्रिम जमानत पर रोक लागू होती है.
हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ सुमन महतो ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट की धारा 18 के कड़े प्रावधानों को देखते हुए वे हाईकोर्ट के आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहते.सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच के पुराने आपराधिक मुकदमों और विवाद को संज्ञान में लिया और अदालत ने सुमन महतो को 4 सप्ताह के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने और नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की छूट दी है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर उसी दिन विचार कर फैसला सुनाया जाए.
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