Ranchi: एक तरफ जहां बहुचर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के आरोपियों पर अदालत का शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ 2007 के हाई-प्रोफाइल सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी और 10 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली शकुंतला महतो ने आखिरकार घुटने टेक दिए हैं. उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपी सोनू शर्मा और मोनू कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई.
सिपाही भर्ती पेपर लीक: कोर्ट ने मांगी अप-टू-डेट डायरी
- केस डायरी के लिए मिला समय: मामले के अनुसंधानकर्ता कोर्ट में हाजिर तो हुए, लेकिन केस डायरी पेश नहीं कर सके. कोर्ट ने कड़ी हिदायत देते हुए अगली सुनवाई में अप-टू-डेट डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
- पीड़क कार्रवाई पर रोक बरकरार: अदालत ने अगली सुनवाई तक आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई (गिरफ्तारी आदि) पर रोक जारी रखी है.
- तमाड़ से हुआ था भंडाफोड़: 11 अप्रैल को पुलिस ने तमाड़ के रड़गांव में एक अर्ध-निर्मित मकान पर छापेमारी कर अंतराज्यीय पेपर लीक गिरोह के 5 सरगनाओं (अतुल वत्स, विकास, शेर सिंह, आशीष और योगेश) सहित 166 लोगों को गिरफ्तार किया था. वहां अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड जब्त कर उन्हें उत्तर रटाए जा रहे थे। इस मामले में अब तक 161 को जमानत मिल चुकी है, जबकि 6 की याचिका खारिज हो चुकी है.
पहचान बदलकर रह रही 10 लाख की इनामी शकुंतला महतो का आत्मसमर्पण
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव के आगे हार मानकर, पूर्व सांसद स्वर्गीय सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी शकुंतला महतो उर्फ पुष्पा ने आत्मसमर्पण कर दिया है.
- 2007 में हुआ था खूनी खेल: वर्ष 2007 में घाटशिला के बड़ाबांकी फुटबॉल मैदान में हुए नक्सली हमले में तत्कालीन सांसद सुनील महतो और उनके दो अंगरक्षकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस कांड के बाद से ही शकुंतला भूमिगत थी.
- कोलकाता में गैस सप्लाई का काम: फरारी के दौरान शकुंतला ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता को अपना ठिकाना बनाया. वहां वह एक सामान्य नागरिक की तरह घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई और वितरण का काम कर रही थी.
- खुलेंगे कई बड़े राज: सुरक्षा एजेंसियों की लगातार घेराबंदी के कारण उसने सरेंडर किया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस सरेंडर से नक्सली नेटवर्क और उनके सहयोगियों के बारे में कई अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है.


