Seraikela : चांडिल अनुमंडल के कुकडू प्रखंड मुख्यालय के समीप चौकेगड़िया मैदान में शुक्रवार देर शाम एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. मृतक के पास साइकिल और टॉर्च लाइट भी मिली है. मृतक की पहचान ईचाडीह पंचायत के चौका आदरडीह निवासी सनातन गोप, उम्र करीब 70 वर्ष के रूप में हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना देर शाम की है.
बालू माफिया पर शव फेंकने का आरोप
स्थानीय लोगों ने तिरुलडीह थाना को सूचना दी. मौके पर पहुंची तिरुलडीह पुलिस मामले की जांच कर रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि तिरुलडीह के सुवर्णरेखा नदी से अवैध बालू खन धड़ल्ले से चल रहा है. बालू लोड कर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और चांडिल-नीमडीह की ओर हाईवा-ट्रैक्टर तेज रफ्तार से चलते हैं. ग्रामीणों ने दावा किया कि दो दिन पहले नीमडीह थाना क्षेत्र के जानूम पलाशडीह गांव में ट्रैक्टर ने अमोनि महतो नामक महिला को कुचल दिया था. अब शुक्रवार रात फिर सनातन गोप को कुचलने के बाद बालू माफिया द्वारा मृतक के शव को सड़क से उठाकर मैदान में डाल दिया गया ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप में न हो और मामला दूसरी दिशा में मोड़ दिया जाए.
पुलिस जांच जारी
इस संबंध में तिरुलडीह पुलिस से पूछे जाने पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला. हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले के हर पहलू की जांच किए जाने की बात कही है. इधर, घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने और रात के समय तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. मृतक की पहचान सनातन गोप (70 वर्ष), निवासी आदरडीह, ईचाडीह पंचायत के रूप में हुई है. उनका शव कुकडू प्रखंड के चौकेगड़िया मैदान में मिला. घटनास्थल से उनकी साइकिल और टॉर्च लाइट भी बरामद हुई है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से किया सवाल, आखिर और कितनी जानें जाएंगी
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध बालू ढुलाई में लगे वाहन ने सनातन गोप को कुचल दिया और बाद में शव को सड़क से उठाकर मैदान में फेंक दिया गया. ग्रामीणों ने कई सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि दुर्घटना सड़क पर हुई थी तो शव मैदान तक कैसे पहुंचा? साइकिल को किसने खड़ा किया? और घटना के बाद शव को वहां किसने पहुंचाया? ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ही नीमडीह के जानूम पलाशडीह में एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हुई थी. इसके बावजूद अवैध बालू ढुलाई और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर और कितनी जानें जाएंगी. उनका कहना है कि बालू माफिया रात के अंधेरे में बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
Also Read : संकटमोचक ही बने संकट, भूपेश बघेल और अजय शर्मा के भरोसे बैठी झारखंड कांग्रेस चारों खाने हुई चित


