Click Here
Click Here

झारखंड में मानसून की सुस्त रफ्तार : जून के शुरुआती 20 दिनों में भारी सूखा, 22 जिलों में सामान्य से बेहद कम बारिश, 61 फीसदी से भी कम

Ranchi: झारखंड में इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त नजर आ रही है. भीषण गर्मी से राहत...

Ranchi: झारखंड में इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त नजर आ रही है. भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद लगाए बैठे प्रदेशवासियों को मानसून ने अब तक निराश किया है. मौसम विभाग द्वारा जारी 1 जून से 20 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. पूरे राज्य में इस अवधि के दौरान सामान्य से 61% कम बारिश दर्ज की गई है, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में स्कैंटी यानी अत्यधिक कमी की श्रेणी में रखा जाता है. केवल राजधानी रांची ही एक ऐसा अपवाद रही है, जहां सामान्य के आसपास बारिश हुई है.

यह भी पढ़ें: चतरा: MCC के नाम पर छह ग्रामीणों के अपहरण का खुलासा

add1

झारखंड का अब तक हुई बारिश का रिपोर्ट कार्ड

अगर पूरे राज्य की बात की जाए, तो झारखंड में 1 जून से 20 जून के बीच सामान्य तौर पर 92.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. इसके मुकाबले पूरे राज्य में औसतन केवल 36.4 मिलीमीटर वास्तविक वर्षा ही हुई है. कुल मिलाकर राज्य में 61% की भारी कमी दर्ज की गई है, जिसने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और खरीफ फसलों की बुआई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून के सक्रिय होने के बाद ही इस स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सकती है.

गढ़वा में हाहाकार: शून्य पर सिमटी बारिश

राज्य में सबसे खराब स्थिति गढ़वा जिले की है. यहां 1 जून से 20 जून के बीच सामान्य तौर पर 59.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक बारिश का आंकड़ा 0 (शून्य) मिलीमीटर रहा. यानी गढ़वा में पूरे 20 दिनों में एक बूंद भी पानी नहीं बरसा, जिसके चलते यहां -100% का विचलन दर्ज किया गया है.

एकमात्र राहत: रांची में सामान्य बारिश

रांची में इस अवधि के दौरान 97.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश के मुकाबले 100.1 मिलीमीटर वास्तविक बारिश दर्ज की गई, जो कि सामान्य से 3% अधिक है.

कम मार झेल रहे जिले

• दुमका: यहां सबसे बेहतर स्थिति रही, जहां 102.5 मिलीमीटर के मुकाबले 85.5 मिलीमीटर बारिश हुई (-17%, जो सामान्य की श्रेणी में आता है).
• रामगढ़: 96.7 मिलीमीटर सामान्य के मुकाबले 68 मिलीमीटर बारिश हुई (-30%).
• सिमडेगा: 105.9 मिलीमीटर के मुकाबले 54.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई (-49%).
• धनबाद (-57%), गिरिडीह (-59%), और पाकुड़ (-59%) भी इसी कमी वाली श्रेणी में शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: झारखंड में मानसून की दस्तक तेज: वज्रपात और आंधी का अलर्ट जारी 

सूखे की कगार पर खड़े जिले

झारखंड के अधिकांश जिले स्कैंटी यानी अत्यधिक कमी की श्रेणी में झुलस रहे हैं. यहां सामान्य से 60% से लेकर 97% तक कम पानी बरसा है.

• बोकारो: 87.1 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 28.2 मिलीमीटर बारिश हुई (-68%).
• चतरा: हालात बहुत गंभीर हैं, 73.4 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 3 मिलीमीटर बारिश हुई (-96%).
• देवघर: 92.4 मिलीमीटर के मुकाबले महज 24.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई (-74%).
• पूर्वी सिंहभूम (-68%), गोड्डा (-72%), गुमला (-77%), हजारीबाग (-63%), जामताड़ा (-71%), खूंटी (-81%), कोडरमा (-70%), लातेहार (-64%), लोहरदगा (-79%), पलामू (-90%), साहिबगंज (-97%), सराइकेला-खरसावां (-85%), और पश्चिमी सिंहभूम (-65%) में भी मानसून पूरी तरह बेअसर दिखा है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *