Koderma: जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार ने दिन शनिवार को डोमचांच प्रखंड क्षेत्र में टीबी एवं कुष्ठ रोग नियंत्रण से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च से 100 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है. इस अभियान के अंतर्गत टीबी के लिए चिन्हित उच्च जोखिम (High Risk) वाले गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. शिविरों में 14 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों की हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से छाती का एक्स-रे कर टीबी की स्क्रीनिंग की जा रही है. इसी क्रम में आज डोमचांच प्रखंड के जेरूआडीह, धूबा एवं जानपुर में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविरों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों एवं सहियाओं को अधिक से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग एवं एक्स-रे कराने का निर्देश दिया गया.
कुष्ठ रोगी के सभी संपर्क व्यक्तियों को सिंगल डोज रिफैम्पिसिन (SDR) उपलब्ध कराई जाएं
इसके उपरांत उन्होंने मसनोडीह टांड़ में कुष्ठ रोग के ग्रेड-2 मरीज के घर जाकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उसके सभी संपर्क में आए व्यक्तियों में कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच कराई. इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डोमचांच के प्रभारी डॉ. आशीष राज को निर्देश दिया गया कि गांव में सहिया, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं सीएचओ (CHO) के सहयोग से फोकस्ड लेप्रोसी कैंपेन (FLC) संचालित किया जाए. साथ ही जिन व्यक्तियों में कुष्ठ रोग के लक्षण पाए जाएं, उनकी चिकित्सकीय जांच कराकर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कुष्ठ रोगी के सभी संपर्क व्यक्तियों को सिंगल डोज रिफैम्पिसिन (SDR) उपलब्ध कराई जाए, ताकि कुष्ठ रोग के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके. निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आशीष राज, फिजियोथैरेपिस्ट राजीव रंजन, अनीता किस्पोटा, धीरेन्द्र कुमार, सहियाएं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.
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