Seraikela : चांडिल वन क्षेत्र के हाथी प्रभावित गांवों में शनिवार देर शाम समाजसेवी और ईचागढ़ के ‘सेवा ही लक्ष्य’ संगठन के वनरक्षी वशिष्ठ नारायण ने विस्थापित सह प्रभावित क्षेत्र मैसाड़ा और कालीचामदा का दौरा किया. हाथियों के आतंक को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उन्होंने तत्काल राहत के तौर पर लाइट, पटाखे और डीजल-पेट्रोल के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की.
आंधी-बारिश में बिजली गुल, बढ़ गई मुसीबत
शाम को आंधी-तूफान और बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली कट गई थी. ऐसे में ग्रामीणों के लिए घरों से बाहर निकलकर हाथियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया था. वशिष्ठ नारायण ने दिए गए टॉर्च-लाइट और पटाखों से ग्रामीण अब रात में अलर्ट रहकर हाथियों को भगा सकेंगे. डीजल-पेट्रोल की राशि से जेनरेटर/टाइमर चलाकर निगरानी की जाएगी.
लगातार गांव में घुस रहे हाथी
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगातार दलमा के हाथी भोजन और पानी की तलाश में गांवों में प्रवेश कर रहे हैं. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. फसल बर्बाद होने और घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. इसी बीच चांडिल वन क्षेत्र के मैसाड़ा और कालीचामदा गांवों में वनरक्षी वशिष्ठ नारायण एवं ‘सेवा ही लक्ष्य’ संगठन, ईचागढ़ की ओर से ग्रामीणों के बीच टॉर्च, पटाखे तथा डीजल-पेट्रोल के लिए आर्थिक सहायता वितरित की गई. बताया गया कि आंधी-बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों को हाथियों की निगरानी में परेशानी हो रही थी. राहत सामग्री मिलने से रात में पहरेदारी करना आसान होगा. ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बिजली नहीं रहती, ऊपर से हाथियों का डर बना रहता है. ऐसे में यह सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित होगी. वन विभाग ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि वे समूह में रहें, टॉर्च और पटाखे साथ रखें तथा हाथी दिखने पर तुरंत वनकर्मियों को सूचना दें.
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