Bermo: बेरमो अनुमंडल अंतर्गत बोकारो थर्मल में डीवीसी प्रबंधन द्वारा पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड की चेतावनी के बाद भी बार-बार पाइप फटने से कोनार नदी में प्रवाहित छाई का मामला एक बार फिर गरमा गया है. शनिवार 27 जून को चार नंबर पाइप लाइन फटने के कारण नदी में छाई (ऐश स्लरी) प्रवाहित होने की सूचना पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धनबाद क्षेत्रीय कार्यालय के निरीक्षक सौगता महतो सोमवार को जांच के लिए बोकारो थर्मल पहुंचे. उन्होंने सर्वप्रथम डीवीसी के पाइप लाइन क्षेत्र और कोनार नदी में छाई बहाव वाले स्थान का निरीक्षण किया. जांच के दौरान निरीक्षक ने पाया कि सोमवार को भी नदी में ऐश स्लरी का बहाव था. मौके पर डीवीसी के डीजीएम तीताबर रहमान एवं वरीय प्रबंधक सचीन बोदलकर भी मौजूद थे. नदी में छाई को देखकर बोर्ड के निरीक्षक ने नाराजगी जताई.
बोर्ड निरीक्षक ने किया मुआयना
बोर्ड के निरीक्षक ने सभी अधिकारियों की मौजूदगी में एसटीपी के समीप से होकर नदी में गिरने वाली ऐश स्लरी को देखा और नदी के पानी को जांच के लिए बोतल में भरा. बाद में मुर्गी फार्म खटाल जाकर उस स्थान का भी मुआयना किया, जहां पाइप फटा था. साथ ही खटाल संचालक दिनेश यादव से भी पूछताछ की. डीवीसी के उपरोक्त अधिकारियों ने अपनी लाचारी जताते हुए कहा, कि पाइप लाइन की जमीन पर खटाल का संचालन करने से पाइप फटने पर कार्य करने में काफी असुविधा होती है. साढ़े तीन किलोमीटर लंबी पुरानी पाइप लाइन को बदलने का टेंडर कर लिया गया है. साथ ही, बार-बार होने वाली गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए डीवीसी की अपनी जमीन से होकर नई पाइप लाइन बिछाने की योजना को भी अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है.

नदी में छाई का जमाव नियमों का खुला उल्लंघन- बोर्ड निरीक्षक
वहीं, डीवीसी प्रबंधन दिए गए तर्कों से प्रदूषण बोर्ड के निरीक्षक असंतुष्ट दिखे. उन्होंने प्रबंधन की इस कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए. बोर्ड निरीक्षक ने तीखे शब्दों में कहा कि जांच में आज भी नदी के भीतर ऐश स्लरी का बहाव और नदी में छाई का जमाव पाया गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है. उन्होंने बताया कि डीवीसी प्रबंधन द्वारा बार-बार इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया जा रहा है. उन्होंने डीवीसी पर कार्रवाई को लेकर रांची स्थित बोर्ड के कार्यालय को पत्र लिखा है. पूर्व में भी इस तरह की घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय रांची भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी और आज की जांच रिपोर्ट भी रांची मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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