Ranchi: RIMS ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे मेडिकल सीट हासिल करने की कोशिश पर बड़ा प्रहार किया है. अनुसूचित जनजाति (ST) का कथित फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले 2025 बैच के छात्र आशीष कुमार का नामांकन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है. इस कार्रवाई के साथ रिम्स ने साफ कर दिया है कि प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मामले की शुरुआत छात्र के दस्तावेजों को लेकर मिली शिकायत से हुई. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रिम्स प्रशासन ने बिना देर किए संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कराई. छात्र द्वारा जमा किए गए जाति प्रमाणपत्र की सत्यता की पुष्टि के लिए पूरा मामला साहेबगंज जिला प्रशासन को भेजा गया.
यह भी पढ़ें: बोकारो: जिंदल कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर दो विस्थापित गुटों में झड़प, थाने का किया गया घेराव

साहेबगंज जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद एक्शन
जिला प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद आई रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि छात्र द्वारा ST श्रेणी के तहत प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाणपत्र फर्जी था. जांच रिपोर्ट मिलते ही रिम्स प्रशासन ने नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्र का नामांकन निरस्त कर दिया. रिम्स प्रशासन का कहना है कि संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियम आधारित है. यदि कोई अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेजों के सहारे सीट हासिल करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. संस्थान ने दोहराया कि किसी भी तरह की अनियमितता या जालसाजी के प्रति उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी.
यह भी पढ़ें: बोकारो व हजारीबाग SP कार्यालय से हुए अवैध राशि निकासी मामले में इसी सप्ताह दाखिल होगी चार्जशीट


