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CID की SIT ने 42 करोड़ के ट्रेजरी घोटाले की जांच की पूरी, 10 मुख्य आरोपियों के विरुद्ध दाखिल होगा आरोप पत्र
Ranchi: झारखंड के सरकारी खजाने में सेंध लगाकर 42 करोड़ रुपए की अवैध वेतन निकासी करने वाले संगठित सिंडिकेट के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपना शिकंजा पूरी तरह कस लिया है. बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय की लेखा शाखा (अकाउंट सेक्शन) से जुड़े इस घोटाले की जांच एसआईटी ने लगभग पूरी कर ली है. इसी हफ्ते सीआईडी की एसआइटी कोर्ट में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने जा रही है. जांच में यह पूरी तरह पुख्ता हो चुका है कि इन आरोपियों ने एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत संगठित रूप से सरकारी खातों को चूना लगाया. बोकारो एसपी कार्यालय से 11 करोड़ व हजारीबाद एसपी कार्यालय से 31 करोड़ रुपए की सरकारी राशि की निकासी गई थी.
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दोनों जिलों में जालसाजी का एक ही तरीका था
सीआईडी की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ है कि बोकारो और हजारीबाग दोनों ही जिलों में सरकारी राशि उड़ाने के लिए हूबहू एक ही तरीका अपनाया गया. शातिर आरोपियों ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की जन्मतिथि में हेरफेर कर ई-कुबेर पोर्टल की बिल प्रबंधन प्रणाली में डेटा बदल दिया. इसके बाद कागजों पर उनकी नौकरी जारी रखते हुए उनके नाम पर अवैध वेतन की निकासी की गई. यह रकम सरकारी खातों से सीधे अपने रिश्तेदारों, पत्नियों और अन्य करीबियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई. आरोपी कर्मचारी आहरण एवं वितरण पदाधिकारी को झांसे में लेकर ओटीपी हासिल कर लेते थे और धोखे से फाइलों पर हस्ताक्षर करा लेते थे.
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