Click Here
Click Here
Click Here

बोकारो थर्मल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव, अंधेरा ढलते ही प्लेटफार्म नंबर 2 बन जाता है नशेडियों का अड्डा

Bokaro : धनबाद रेल मंडल अंतर्गत बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है,...

Severe lack of passenger amenities at Bokaro Thermal Station; Platform No. 2 turns into a haven for drug addicts as soon as darkness falls.

Bokaro : धनबाद रेल मंडल अंतर्गत बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है, जिसके कारण यहां आने-जाने वाले रेल यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है. स्टेशन पर महिला यात्रियों के लिए सुचारू शौचालय की व्यवस्था न होने से स्थिति बेहद चिंताजनक है. स्टेशन परिसर स्थित बुकिंग काउंटर के समीप बना शौचालय हमेशा बंद रहता है, जबकि प्लेटफार्म पर बने महिला एवं पुरुष शौचालय के दरवाजे असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिए गए हैं. स्थिति यह है कि पुरुष शौचालय में हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्टेशन पर दुर्गंध फैली रहती है. इसके साथ ही, पूरे प्लेटफार्म पर आवागमन के लिए एकमात्र ओवरब्रिज उपलब्ध है, जिसमें रैंप की सुविधा नहीं होने के कारण वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों और महिला यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है. यात्री सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर लगाए गए आधुनिक उपकरण भी रख-रखाव के अभाव में बेकार साबित हो रहे हैं. प्लेटफार्म पर ट्रेनों के ठहराव और उनके डिब्बों की सही स्थिति बताने के लिए लगाया गया कोच इंडिकेटर सिस्टम काम नहीं कर रहा है, जो यात्रियों के लिए महज हाथी का दांत बनकर रह गया है.

यह भी पढ़ें: देश-विदेश तक झारखंड टूरिज्म को पहुंचाएंगे 110 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर

शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है प्लेटफॉर्म

इसके अलावा, स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म की लंबाई कम होने के कारण एक बड़ी तकनीकी समस्या खड़ी हो गई है. जब भी कोई एक्सप्रेस ट्रेन यहां रुकती है, तो उसके चार से पांच कोच प्लेटफार्म से बाहर अंधेरे में खड़े रह जाते हैं, जिससे यात्रियों को नीचे उतरने और चढ़ने में अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है. इसी प्लेटफार्म पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था न होने के कारण शाम ढलते ही प्लेटफॉर्म अंधेरे में डूब जाता है. इस व्यवस्थागत खामी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व, शराबी और नशेड़ी रात के समय यहां बेखौफ होकर शराब, गांजा और सिगरेट का सेवन करते हैं, जिससे आम यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आती है. मामले को लेकर स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार का कहना था कि असमाजिक तत्वों के द्वारा प्लेटफॉर्म का दोनों शौचालय क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है. जरुरत पड़ने पर महिलायें वेटिंग रुम के शौचालय का उपयोग करती हैं.

Severe lack of passenger amenities at Bokaro Thermal Station; Platform No. 2 turns into a haven for drug addicts as soon as darkness falls.

यह भी पढ़ें: बोकारो: NGT की रोक के बावजूद दामोदर नदी से बालू का अवैध उठाव जारी, तीन ट्रैक्टर जब्त

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *