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बोकारो: खरीफ फसल एवं कृषि ऋण के लिए DC ने 15 जुलाई तक कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देश, छोटे ऋण वितरण पर जोर

Bokaro: समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति (डीसीसी), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं...

DC Ajay Nath Jha
जिला समन्वय समिति की बैठक

Bokaro: समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति (डीसीसी), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं आरसेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी जताई.

इस दौरान उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक एवं जना स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि बैंकों के असंतोषजनक सीडी रेशियो पर गहरी चिंता व्यक्त की. संबंधित बैंकों को अगली बैठक में बोकारो के सीडी रेशियो की तुलना राष्ट्रीय एवं राज्य औसत के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

ऋण वितरण का वर्तमान रवैया संतोषजनक नहीं

उपायुक्त ने कहा कि बैंकों द्वारा ऋण वितरण का वर्तमान रवैया संतोषजनक नहीं है. उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा जिले के आर्थिक विकास में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान प्रदर्शन निराशाजनक है. उन्होंने सभी बैंकों को अपने प्रदर्शन में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया. साथ ही, उप विकास आयुक्त, एलडीएम, नाबार्ड, आरबीआई के प्रतिनिधि को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए.

औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता देने में सक्रिय भूमिका निभाएं बैंक

उपायुक्त ने कहा कि जिले के लोगों को छोटे-छोटे ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए. झारखंड औद्योगिक (जियाडा) क्षेत्र में लगभग 300 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं. इनके विकास एवं विस्तार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को लेकर बैंकों को समन्वित प्रयास करने होंगे. उन्होंने प्रत्येक बैंक को कम-से-कम दो सफल ऋण लाभार्थियों की सक्सेस स्टोरी तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. डीडीसी की अध्यक्षता में इनका चयन किया जाएगा तथा बेहतर सक्सेस स्टोरी का प्रकाशन जिला प्रशासन द्वारा कराया जाएगा.

मानसून में विलंब को देखते हुए कृषि ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश

बैठक में आगामी 15 जुलाई तक कृषि क्षेत्र के लिए सभी बैंकों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि मानसून में विलंब को देखते हुए खरीफ फसल पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अधिकाधिक किसानों को फसल ऋण, केसीसी उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए. उन्होंने एलडीएम, आरबीआई के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारियों को डिजिटल टूल्स के माध्यम से बैंकों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने का निर्देश दिया. साथ ही जिले में कौन-से बैंक सक्रिय हैं तथा किनका प्रदर्शन कमजोर है, इसका समुचित आकलन करने को कहा.

आम लोगों से जुड़ें बैंक, बैठकों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें सहभागिता

उपायुक्त ने बैंकों को आम लोगों से जुड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, कि छोटे व्यवसायियों, किसानों एवं स्वरोजगार से जुड़े लोगों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए. उन्होंने प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र, फसल ऋण, शिक्षा ऋण एवं क्रेडिट लिंकेज योजनाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने जेएसएलपीएस को बैंक प्रतिनिधियों के साथ स्वयं सहायता समूहों की बैठक एवं एक्सपोजर विजिट आयोजित करने का निर्देश दिया. कृषि विभाग, नाबार्ड एवं आईडीएम को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने को कहा.

बैठक के दौरान बैंक प्रतिनिधियों की अपेक्षित सहभागिता एवं संवाद की कमी पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में बैंक प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ भाग लें तथा सक्रिय संवाद सुनिश्चित करें. बैठक में आरसेटी के वार्षिक कार्ययोजना एवं विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

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