Ranchi: केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत दी है. सरकार ने प्रशासनिक सेवा ( आईएएस), पुलिस सेवा (आईपीएस) और वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के लिए वर्ष 2025-26 की परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) दर्ज करने की समय-सीमा को एक बार फिर से आगे बढ़ा दिया है.
अधिकारियों को मिलेगा पर्याप्त समय
सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी इस नए आदेश के तहत नियमों में ढील दी गई है, ताकि अधिकारियों, रिपोर्टिंग, रिव्यूइंग और एक्सेप्टिंग अथॉरिटीज को मूल्यांकन प्रक्रिया को सही और सुचारू ढंग से पूरा करने का पर्याप्त मौका मिल सके.

संशोधित और नई समय-सीमा की सूची
– अधिकारियों द्वारा स्वयं का मूल्यांकन: 31 जुलाई तक
– रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा मूल्यांकन: 15 सितंबर
– रिव्यूइंग अथॉरिटी द्वारा समीक्षा: 15 नवंबर
– एक्सेप्टिंग अथॉरिटी द्वारा स्वीकृति: 31 दिसंबर तक
केवल एक बार के लिए मिली है छूट
भारत सरकार की अवर सचिव कविता चौहान द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार के उपाय के रूप में दी जा रही है. नियमों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 के बाद इस साल की परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर कोई भी टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी. इस आदेश की प्रति भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, गृह मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है.


