Saraikela: ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती मंगलवार को सरायकेला-खरसावां पहुंचे. जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महंत विद्यानंद सरस्वती के नेतृत्व में चिलगु, कपाली में उनका श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया. चिलगु में स्वागत के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य सुबह करीब पारडीह काली मंदिर, फदलोगोड़ा पहुंचे. प्राचीन काली मंदिर परिसर स्थित नागा सन्यासी आश्रम में श्री महंत विद्यानंद सरस्वती ने उनका आत्मीय स्वागत किया. जानकारी के अनुसार, आज श्री राजस्थान शिव मंदिर, जुगसलाई के शताब्दी वर्ष समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वे अपने दिव्य प्रवचनों से श्रद्धालुओं को अनुग्रहित करेंगे. कार्यक्रम में श्री महंत विद्यानंद सरस्वती भी मौजूद रहेंगे.
धर्म और संस्कृति को मिलेगी नई ऊर्जा- श्री महंत विद्यानंद सरस्वती
जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महंत विद्यानंद सरस्वती ने कहा, कि “जगद्गुरु शंकराचार्य जी का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है. उनके सान्निध्य से धर्म और संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी. जुगसलाई के शताब्दी समारोह में उनका प्रवचन श्रद्धालुओं के लिए कल्याणकारी होगा.”

बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे
चिलगु में स्वागत के दौरान हरेलाल महतो, मधु गोराईं, प्रबोध उरांव, खगेन महतो, शंकर मण्डल, भवानी सिंह, धनंजय उरांव, शिबू सिंह, बुद्धेश्वर सोरेन, प्रदीप गिरी, जीतू मुदी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित थे. बता दें, जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिव मंदिर अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है. शताब्दी समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है. मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं.
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