Gumla: लोहरदगा रोड, दुनदुरिया स्थित बचपन प्ले स्कूल और बीटीएल के पब्लिक स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे (National Doctors’ Day) के अवसर पर अनूठी पहल की. बच्चों ने गुमला के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर वहां दिन-रात सेवा में जुटे डॉक्टरों को फूल, बुके और अपने हाथों से बनाए ग्रीटिंग कार्ड्स भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया. यह कार्यक्रम विद्यालय द्वारा हर वर्ष गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किया जाता है.
अस्पतालों का दौरा और डॉक्टरों का सम्मान
सदर अस्पताल: एलकेजी (LKG) कक्षा के बच्चों ने शिक्षिका सोनल रानी, अर्पिता रॉय और मोनालिसा के नेतृत्व में सदर अस्पताल का दौरा किया. वहां उन्होंने डॉ. राहुल को बुके और कार्ड देकर सम्मानित किया.

तेज ऑर्थोपेडिक्स एंड सर्जिकल हॉस्पिटल: बच्चों ने शिक्षिका पल्लवी गोस्वामी के साथ इस निजी अस्पताल का भ्रमण किया. यहां बच्चों ने डॉ. अविनाश कुमार को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की.
दुनदुरिया स्थित हेल्थ सेंटर: यहां के स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों ने डॉ. आलोक मिंज और उनकी मेडिकल टीम का आभार जताया. बच्चों के इस प्यारे व्यवहार से खुश होकर डॉ. आलोक मिंज ने सभी बच्चों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में चॉकलेट और उपहार दिए.
समारोह की शुरुआत और नए कानून की जानकारी
इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत सुबह विद्यालय परिसर में हुई. शिक्षकों ने बच्चों को समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान और उन्हें सम्मान देने के महत्व के बारे में बताया. इसके साथ ही बच्चों को डॉक्टरों या मेडिकल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट रोकने के लिए बने कड़े कानूनों के प्रति जागरूक किया गया. बच्चों को बताया गया कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023’ और राज्य के चिकित्सा सेवा कर्मी सुरक्षा कानूनों के तहत स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करना एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से मारपीट या अस्पताल में तोड़फोड़ करने पर 3 साल से लेकर 7 साल तक की जेल (कठोर कारावास) और भारी जुर्माने की सजा का प्रावधान है. इस जानकारी का उद्देश्य बच्चों में डॉक्टरों के प्रति सम्मान और कानून के प्रति समझ विकसित करना था. इस दौरान विद्यालय प्रबंधन, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे.


