Hazaribagh: शहर की व्यस्त सड़क पर शुक्रवार को एक काली SUV लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. वजह सिर्फ उसकी लग्जरी बनावट नहीं थी, बल्कि गाड़ी पर नंबर प्लेट का नहीं होना और पिछले शीशे पर बड़े अक्षरों में लिखा “Insured by Mafia” था. जिसने भी इसे देखा, उसके मन में एक ही सवाल उठा-आखिर यह ‘माफिया’ कौन है, जिसने गाड़ी का बीमा कर रखा है? तस्वीर में साफ दिखाई देता है कि वाहन के पीछे वैध रजिस्ट्रेशन नंबर नजर नहीं आ रहा है. वहीं शीशे पर “Insured by Mafia” और अन्य स्टिकर लगे हैं. यह दृश्य आम लोगों के साथ-साथ यातायात नियमों पर भी सवाल खड़े करता है.
ट्रैफिक पुलिस के लिए भी सवाल
क्या बिना नंबर की यह गाड़ी पुलिस की नजर से बचकर निकल गई? क्या वाहन नया था और उस पर अस्थायी नंबर भी प्रदर्शित नहीं किया गया था? यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो क्या कार्रवाई होगी? एक ओर आम नागरिक हेलमेट, सीट बेल्ट और दस्तावेजों की जांच में चालान भरते हैं, वहीं यदि बिना नंबर वाले वाहन खुलेआम शहर में घूमते नजर आएं तो कानून के समान अनुपालन पर सवाल उठना लाजिमी है.संभव है कि “Insured by Mafia” महज एक फैंसी या व्यंग्यात्मक स्टिकर हो और किसी वास्तविक संगठन या व्यक्ति का संकेत न हो. उपलब्ध तस्वीर के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि वाहन का किसी आपराधिक गिरोह से संबंध है. लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का संदेश लोगों में भ्रम और भय का माहौल जरूर पैदा कर सकता है.यदि कोई वाहन सार्वजनिक सड़क पर चलता है तो उसके लिए वैध रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य है. बिना नंबर के वाहन चलाना या नंबर को छिपाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई योग्य है. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यह वाहन किस अनुमति से शहर की सड़कों पर दौड़ रहा था?

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प्रशासन से अपेक्षा
इस वाहन की पहचान कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वाहन पंजीकृत है या नहीं, नंबर प्लेट क्यों नहीं लगी थी, यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी या नहीं? फिलहाल यह तस्वीर शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि केवल इस तस्वीर के आधार पर किसी व्यक्ति या वाहन को आपराधिक गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.


