Hazaribagh: हजारीबाग-रांची मार्ग पर स्थित चुटूपाली घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य टुन्नू गोप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर इस खतरनाक घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा की ये चुटूपाली घाटी दिन-ब-दिन “मौत की घाटी” के नाम से प्रसिद्ध हो रही है.
सड़क दुर्घटनाओं में अब तक कई वाहन चालक, खलासी और आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं. लगातार हादसों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. पत्र में उल्लेख किया है कि स्थानीय स्तर पर संकेतक बोर्ड, हाईमास्ट लाइट, गार्डवॉल और अन्य सुरक्षा उपाय किए गए, लेकिन ये प्रयास दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में सफल नहीं हो सके.

उन्होंने कहा कि चुटूपाली घाटी की अत्यधिक तीखी ढलान ही अधिकांश दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह है. खासकर भारी वाहन ढलान पर नियंत्रण खो देते हैं, जिससे कई बार एक साथ कई वाहन आपस में टकरा जाते हैं और भीषण हादसे हो जाते हैं. ऐसे हादसों में जान-माल का भारी नुकसान होता है.
पहाड़ की कटिंग और आधुनिक तकनीक से समाधान का सुझाव
पत्र में टुन्नू गोप ने सुझाव दिया है कि घाटी की ढलान कम करने के लिए पहाड़ की नए सिरे से वैज्ञानिक तरीके से कटिंग कर सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए. यदि आवश्यकता हो तो आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर, वायाडक्ट या अन्य सुरक्षित संरचना का निर्माण कराया जाए. ताकि वाहनों की गति नियंत्रित रहे.

राज्य सरकार पर लगाया आरोप
टुन्नू गोप ने राज्य सरकार पर भी इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा- कि वर्षों से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. और अब लोगों की उम्मीद केंद्र सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से है.
अंत में टुन्नू गोप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी. इसलिए चुटूपाली घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी और वैज्ञानिक समाधान अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है.


