Hazaribagh : सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था तरंग ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क रोजगारोन्मुखी मेहंदी कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हो गया. कार्यशाला में युवतियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आधुनिक एवं पारंपरिक मेहंदी कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ब्राइडल मेहंदी, अरेबिक, इंडो-अरेबिक, मंडला आर्ट, फुल हैंड डिज़ाइन सहित विभिन्न प्रोफेशनल मेहंदी डिज़ाइनों की बारीकियां सिखाई गईं. साथ ही मेहंदी कला को स्वरोजगार और आय का प्रभावी माध्यम बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई. कार्यशाला में शिवानी कुमारी, कनिष्ठा शाक्ये, रितिका रश्मि टोप्पो, रिया रश्मि टोप्पो, ज्योति रानी, सृष्टि कुमारी, सौरव कुमार, प्रिया शर्मा, अंजली राणा, पल्लवी राणा, ईशा कुमारी एवं अनामिका कुमारी ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया. सभी प्रतिभागियों ने अपने हाथों पर आकर्षक एवं उत्कृष्ट मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
सरल और व्यावहारिक मेहंदी कला का प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण में मेघा राज, संध्या कुमारी और जिया कुमारी ने प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं. उन्होंने सरल और व्यावहारिक तरीके से मेहंदी कला की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया, जिससे प्रतिभागियों ने कम समय में बेहतर कौशल विकसित किया. समापन समारोह को संबोधित करते हुए तरंग ग्रुप के निदेशक अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने कहा कि आज के समय में हुनर सबसे बड़ी पूंजी है और यदि युवा अपने कौशल को सही दिशा दें तो वे स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं. उन्होंने बताया कि भविष्य में भी तरंग ग्रुप द्वारा निःशुल्क रोजगारोन्मुखी कार्यशालाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रशिक्षणों का आयोजन लगातार किया जाएगा. कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. प्रतिभागियों ने तरंग ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से उन्हें नई तकनीकें सीखने का अवसर मिला और स्वरोजगार के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है.

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