Hazaribagh: कर्णपुरा महाविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हजारीबाग की भूमिका” विषय पर एक विचारोत्तेजक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने हजारीबाग के स्वतंत्रता सेनानियों, विशेषकर आदिवासी समाज के संघर्ष, बलिदान और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला. साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन में जिले की ऐतिहासिक भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया.
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए भी लड़ा गया संघर्ष
सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रो. ज्योति जलधार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हजारीबाग के आदिवासियों की भूमिका अद्वितीय, साहसी और प्रेरणादायी रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि जल, जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए विदेशी शासन और शोषण के विरुद्ध लगातार चलता रहा.

1857 से भारत छोड़ो आंदोलन तक हजारीबाग की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य कीर्तिनाथ महतो ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक हजारीबाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही. यहां के स्थानीय नेताओं और आम लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बढ़-चढ़कर संघर्ष किया. उन्होंने 1942 के आंदोलन में आनंदित साहू के नेतृत्व को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया.
बड़कू मांझी और सरस्वती देवी के योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश महतो ने किया. उन्होंने बताया कि बड़कू मांझी बड़कागांव के अंबा टोला के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे. वहीं 26 जनवरी 1930 को सरस्वती देवी के नेतृत्व में तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का कार्य किया गया, जिसे क्षेत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है.
शिक्षक और विद्यार्थियों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम के अंत में डॉ. ललिता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. सेमिनार में डॉ. निरंजन प्रसाद नीरज, प्रो. फजरूद्दीन, प्रो. नरेश कुमार दांगी, प्रो. लालदेव महतो, डॉ. अनु कुमारी, डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. पवन कुमार, नमेधारी राम, तनवीर कुमार और अनिता कुमारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे. वहीं छात्र-छात्राओं में आशीष कुमार, चंदन कुमार, निशांत कुमार, मोहम्मद जुनेद, रमेश, सुमन कुमारी, प्रीति कुमारी समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया.
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