Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2015′ (विज्ञापन संख्या-04/2015) के संबंध में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक सूचना जारी की है. आयोग द्वारा यह नोटिस 3 जुलाई को आधिकारिक तौर पर प्रकाशित किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई दस्तावेजों की समीक्षा
जारी अधिसूचना के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP(C) No- 1359/2023 (जितेन्द्र कुमार शर्मा एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) तथा इससे संबद्ध अन्य वादों में तीन जून को एक आदेश पारित किया गया था. इस अदालती आदेश के अनुपालन में, आयोग ने अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की है। इस समीक्षा के बाद सफल और असफल अभ्यर्थियों की सूची रोल नंबर के साथ जारी की गई है.

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शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए 451 अभ्यर्थी चयनित
दस्तावेज की समीक्षा के बाद, लिखित परीक्षा में सफल पाए गए 451 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षाके लिए योग्य घोषित किया गया है. चयनित सभी 451 अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक आधिकारिक दस्तावेज विस्तृत रूप से प्रकाशित किए गए हैं. इन योग्य अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा से जुड़ी अगली कार्रवाई के लिए डीजीपी कार्यालय, झारखंड को पत्राचार भेज दिया गया है. शारीरिक दक्षता परीक्षा की तिथि, समय, स्थान और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश आयोग द्वारा जल्द ही एक अलग नोटिस के माध्यम से अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे.

समीक्षा में 346 अभ्यर्थी पाए गए असफल
दस्तावेज की जांच और समीक्षा के दौरान 346 अभ्यर्थी ऐसे पाए गए हैं जो लिखित परीक्षा में असफल रहे हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के विज्ञापन के प्रावधानों के अनुसार, लिखित परीक्षा में असफल रहने वाले ये अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए पात्रता नहीं रखते हैं.

आयोग द्वारा जारी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और शर्तें
आयोग के परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी इस नोटिस में अभ्यर्थियों के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की गई हैं. इस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी आगामी सूचनाएं केवल जेएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर ही प्रकाशित की जाएंगी. इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट को चेक करते रहें. यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत प्रारंभिक अभिलेखीकृत समीक्षा के आधार पर है. अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों के पूर्ण परीक्षण के बाद ही आयोग का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा. आयोग ने साफ तौर पर नोट में लिखा है कि इस सूचना या सूची में नाम प्रकाशित होने मात्र से किसी भी अभ्यर्थी का नियुक्ति या चयन पर कोई सीधा अधिकार स्वतः पैदा नहीं होता है.


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