Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राज्य में भय, असुरक्षा और अराजकता का माहौल है, ऐसे में निवेश आकर्षित करने के दावे केवल दिखावा हैं. झारखंड की जनता जानना चाहती है कि निवेश के नाम पर सरकार द्वारा समय-समय पर की गई विदेश यात्राओं, निवेशक सम्मेलनों और अन्य आयोजनों से राज्य को अब तक क्या ठोस लाभ मिला है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अब तक कितने नए निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे, कितनी परियोजनाएं शुरू हुईं और उनसे राज्य के युवाओं को कितने रोजगार मिले.
बड़े निवेश की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं- भाजपा प्रवक्ता
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश तभी संभव होता है, जब वहां मजबूत कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों का भरोसा हो. लेकिन झारखंड में लगातार बढ़ते अपराध, असुरक्षा और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है. ऐसे माहौल में बड़े निवेश की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास विकास को लेकर न तो स्पष्ट कार्ययोजना है और न ही दूरदृष्टि. विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है, सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रियों के बीच समन्वय का अभाव है तथा कानून-व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है. इसके अलावा राज्य वित्तीय अव्यवस्था से भी जूझ रहा है, जिसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है.

पहले कानून-व्यवस्था मजबूत करे सरकार
रविनाथ किशोर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में झारखंड में निवेश लाना चाहती है, तो सबसे पहले कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगा. अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल करना और सड़क, बिजली, पानी सहित आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक है. सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल के बिना कोई भी बड़ा निवेशक राज्य में निवेश करने से बचेगा.
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