Latehar: जिला अदालत से आज नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता की खबर आई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत ने शुक्रवार को हेरहंज थाना कांड संख्या 12/23 की सुनवाई पूरी करते हुए प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर बैजनाथ सिंह उर्फ चंदन सिंह खरवार उर्फ संजीवन को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी. एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में लातेहार पुलिस के द्वारा किए गए बेहतर अनुसंधान के वजह से कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाया है.
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सिकीद जंगल में रची जा रही थी बड़ी साजिश
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, यह कार्रवाई वर्ष 2023 में हुई थी. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमांडर बैजनाथ सिंह (पिता: स्वर्गीय गौरी सिंह, निवासी: ग्राम- माइल मटलोंग, थाना- मनिका, जिला- लातेहार) अपने दस्ते के साथ किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से सिकीद जंगल में जमा हुआ है.
घेराबंदी कर पुलिस ने किया था गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिकीद जंगल की घेराबंदी की थी. पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद बैजनाथ सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के समय सुरक्षा बलों ने उसके पास से आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद किया था, जिसमें दो इंसास राइफल, और भारी संख्या में कारतूस बरामद हुआ था. न्यायालय के इस फैसले को लातेहार पुलिस और अभियोजन पक्ष की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिसने समय पर वैज्ञानिक और पुख्ता साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए, जिसके परिणामस्वरूप इस दुर्दांत नक्सली को कानून के तहत सख्त सजा मुकर्रर की जा सकी.
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