Ranchi: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) की ओर से शनिवार को न्याय सदन, डोरंडा स्थित झालसा सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला का उद्घाटन
कार्यशाला का उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश-सह-झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम में सभी जिलों के DLSA सचिव, लेखा कार्य से जुड़े कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक शामिल हुए.

वित्तीय पारदर्शिता पर जोर
मुख्य अतिथि न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि किसी भी संस्था की विश्वसनीयता और सफलता का आधार पारदर्शी, जवाबदेह और नियमसम्मत वित्तीय प्रबंधन है. उन्होंने बजट निर्माण, निधियों के उचित उपयोग तथा सामान्य वित्तीय नियमों के अक्षरशः पालन पर जोर देते हुए कहा कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी अन्य मद में राशि खर्च नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) और मध्यस्थों के मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि उनका मनोबल बना रहे.
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वित्तीय अनुशासन पर बल
वहीं, न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक धन के उपयोग में वित्तीय अनुशासन अत्यंत आवश्यक है और DLSA सचिवों को वित्तीय नियमों की व्यावहारिक जानकारी होना जरूरी है.
न्यूजलेटर का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान झालसा न्यूज़लेटर (अप्रैल-जून 2026) का विमोचन किया गया तथा बिरसा कॉलेज, खूंटी के छात्रों को NALSA की ओर से सर्वश्रेष्ठ रील पुरस्कार मिलने पर सम्मानित किया गया.
तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला में लेखा पुस्तकों एवं रजिस्टरों के रखरखाव, DLSA की संपत्तियों, PFMS, GeM पोर्टल तथा DLSA के कार्यों से जुड़े विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया.


