Lohardaga: हिंदू नेता चंदन गोयल ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को लेकर हाल के दिनों में दिए जा रहे राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है. उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बिना अंतिम जांच रिपोर्ट के आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है. चंदन गोयल ने कहा कि यदि श्रीराम मंदिर निर्माण या उससे जुड़े किसी वित्तीय मामले में अनियमितता की शिकायत हुई है, तो उसकी जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति, संस्था या मंदिर प्रबंधन को दोषी ठहराना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है.
साक्ष्य हों तो जांच एजेंसियों को सौंपें
उन्होंने कहा कि यदि सांसद सुखदेव भगत के पास किसी भी प्रकार के ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयान देने के बजाय संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके. चंदन गोयल ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इस पर राजनीतिक बयानबाजी से समाज में अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से धार्मिक विषयों पर संयमित एवं जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करने की अपील की.

कानून पर विश्वास रखने का आग्रह
उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए. यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर किसी की छवि धूमिल करना उचित नहीं है. साथ ही उन्होंने देश में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कानून को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करने देने की अपील की. लोहरदगा. हिंदू नेता चंदन गोयल ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को लेकर हाल के दिनों में दिए जा रहे राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है. उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बिना अंतिम जांच रिपोर्ट के आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है.
निष्पक्ष जांच के बाद ही हो कार्रवाई
चंदन गोयल ने कहा कि यदि श्रीराम मंदिर निर्माण या उससे जुड़े किसी वित्तीय मामले में अनियमितता की शिकायत हुई है, तो उसकी जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति, संस्था या मंदिर प्रबंधन को दोषी ठहराना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है. उन्होंने कहा कि यदि सांसद सुखदेव भगत के पास किसी भी प्रकार के ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयान देने के बजाय संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके.
धार्मिक विषयों पर संयम बरतने की अपील
चंदन गोयल ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इस पर राजनीतिक बयानबाजी से समाज में अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से धार्मिक विषयों पर संयमित एवं जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए. यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर किसी की छवि धूमिल करना उचित नहीं है. साथ ही उन्होंने देश में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कानून को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करने देने की अपील की.
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