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रिम्स-1 बदहाल, रिम्स-2 का सपना क्यों? स्वास्थ्य मंत्री पर बरसीं भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज

Ranchi: झारखंड में प्रस्तावित रिम्स पार्ट-2 को लेकर राजनीति गरमा गई है. भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान...

RIMS-1 is in shambles, why dream of RIMS-2? BJP spokesperson Rafia Naz lashed out at the Health Minister .

Ranchi: झारखंड में प्रस्तावित रिम्स पार्ट-2 को लेकर राजनीति गरमा गई है. भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स ही डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और जरूरी उपकरणों की भारी कमी से जूझ रहा है, तब रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता के साथ छलावा है. राफिया नाज ने कहा कि सरकार को पहले मौजूदा रिम्स की बदहाल व्यवस्था सुधारनी चाहिए. उनका आरोप है कि गरीब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें लंबी कतार, खाली वार्ड, दवाइयों की कमी और डॉक्टरों का इंतजार मिलता है. कई परिवार इलाज के लिए कर्ज लेने और जमीन बेचने तक को मजबूर हो रहे हैं.

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सालों से खाली पड़े हैं हजारों पद

उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में हजारों डॉक्टर, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मियों के पद वर्षों से खाली पड़े हैं. इतने लंबे समय बाद भी इन पदों पर नियुक्ति नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की विफलता को दर्शाता है. राफिया नाज ने कहा कि भाजपा को रिम्स पार्ट-2 से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गलत स्थान चयन और मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किए बिना नई परियोजना शुरू करना उचित नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल आलीशान भवन बनने से मरीजों को बेहतर इलाज मिल जाएगा, जबकि अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां और आधुनिक उपकरण ही नहीं हैं.

राज अस्पताल का मामला उठाकर राज्य सरकार को घेरा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में रांची के एक निजी अस्पताल में मरीज को 22 लाख रुपये का बिल थमाया गया. यदि सरकारी अस्पताल मजबूत होते तो लोगों को निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा पर निर्भर नहीं होना पड़ता. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निजी अस्पतालों की मनमानी रोकने में भी विफल रही है. राफिया नाज ने यह भी कहा कि राज्य के कई जिलों में अब भी ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है, समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है तथा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं.

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‘रिम्स पार्ट-2 की घोषणा केवल राजनीतिक दिखावा’

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से सवाल किया कि स्वास्थ्य विभाग यह बताए कि हजारों रिक्त पद कब भरेंगे, अस्पतालों में दवाइयों और डॉक्टरों की उपलब्धता कब सुनिश्चित होगी और रिम्स पार्ट-1 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं. राफिया नाज ने कहा कि जब तक मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक रिम्स पार्ट-2 की घोषणा केवल राजनीतिक दिखावा है और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है.

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