Hazaribagh: जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड में स्थित DVC का कोनार डैम (Konar Dam) आज केवल जल संरक्षण और विद्युत उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की नई पहचान बनकर उभर रहा है. विशाल जलराशि, चारों ओर फैली हरियाली और शांत वातावरण के कारण यह स्थल झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बना चुका है. प्रतिदिन यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ राज्य के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.
प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को कर रहा आकर्षित
सुबह की सुनहरी किरणों से लेकर शाम के मनमोहक सूर्यास्त तक कोनार डैम का हर दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. डैम के ऊपर बहती ठंडी हवाएं, हरियाली से घिरा शांत वातावरण और प्राकृतिक छटा पर्यटकों को सुकून का एहसास कराती है. यही वजह है कि यह स्थल परिवारों, युवाओं और प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बनता जा रहा है.

सौंदर्यीकरण से बदली कोनार डैम की तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में DVC द्वारा किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों ने कोनार डैम की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, तिरंगा थीम पर आधारित सजावटी लाइटें, व्यवस्थित सड़कें, बैठने की आधुनिक व्यवस्था और बेहतर साफ-सफाई ने इस पर्यटन स्थल को नई पहचान दी है. रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता डैम किसी पर्यटन नगरी से कम नहीं दिखाई देता.
सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन में भी अहम भूमिका
पर्यटन के अलावा कोनार डैम दामोदर घाटी क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण और विद्युत उत्पादन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह परियोजना क्षेत्र के कृषि विकास और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की मजबूत आधारशिला मानी जाती है.
असामाजिक तत्वों ने पहुंचाया सरकारी संपत्ति को नुकसान
कोनार डैम की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कुछ असामाजिक तत्व इसकी खूबसूरती पर ग्रहण लगाने का प्रयास कर रहे हैं. हाल ही में अज्ञात शरारती तत्वों ने डैम परिसर में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी तिरंगा थीम की सजावटी लाइटों को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस घटना से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : प्रधान
कोनार परियोजना के प्रधान राणा रंजीत सिंह ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ समाज के प्रति गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार भी है. उन्होंने कहा कि डीवीसी पर्यटकों की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है. ऐसे में इन परिसंपत्तियों की सुरक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की मांग
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार और डीवीसी मिलकर यहां नौकायन, फूड प्लाजा, बच्चों के मनोरंजन पार्क, व्यूइंग गैलरी, एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटकों के ठहरने की आधुनिक सुविधाएं विकसित करें, तो कोनार डैम झारखंड का प्रमुख पर्यटन हब बन सकता है. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
सामूहिक जिम्मेदारी से सुरक्षित रहेगा कोनार डैम
कोनार डैम आज प्राकृतिक सौंदर्य, विकास और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है. इसकी सुंदरता और उपयोगिता को बनाए रखने के लिए प्रशासन, डीवीसी, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों सभी को मिलकर इसकी सुरक्षा और स्वच्छता की जिम्मेदारी निभानी होगी. योजनाबद्ध संरक्षण और निरंतर विकास के साथ आने वाले समय में कोनार डैम झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है.


